बाजार में अफरा-तफरी, दुकानों से हटाया जा रहा सामान
सीलिंग की आहट मिलते ही सोमवार शाम से ही व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। कई दुकानदारों ने रातों-रात अपनी दुकानों से कीमती सामान ट्रकों में भरकर बाहर निकालना शुरू कर दिया, जबकि कुछ लोग अवैध निर्माण को खुद ही तोड़ते नजर आए।
मंगलवार को व्यापारियों ने विरोध स्वरूप सेंट्रल मार्केट बंद रखा और अलग-अलग स्थानों पर बैठकर आगे की रणनीति पर चर्चा की।
अस्पतालों से मरीजों को किया गया शिफ्ट
सीलिंग की जद में छह अस्पताल और छह स्कूल भी आ रहे हैं। आदेश की संभावना के चलते सोमवार देर रात से ही अस्पतालों से मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया जाने लगा। मंगलवार सुबह तक करीब 42 मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजा जा चुका था।
इसी तरह कुछ स्कूलों में मंगलवार को बच्चों के पहुंचने पर ताला लटका मिला, जबकि एक स्कूल में हाफ-डे कर दिया गया। इस दौरान कई जगह अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच नोकझोंक भी हुई।
गुरुवार को मेरठ बंद का एलान
सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों-नवीन गुप्ता और अजय गुप्ता-ने एकजुट होकर विरोध का एलान किया है। शहर की करीब 665 व्यापारिक एसोसिएशनों ने गुरुवार को पूरे मेरठ को बंद रखने की घोषणा की है।
व्यापारियों का कहना है कि यह केवल 44 इमारतों का मामला नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की रोजी-रोटी से जुड़ा मुद्दा है।फिलहाल प्रशासन कार्रवाई की तैयारी में जुटा है और सेंट्रल मार्केट क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
सेंट्रल मार्केट में व्यापारियों ने आवास विकास परिषद की टीम का किया विरोध कहा कि जो हमने 70 करोड़ रुपए जमा कराए हैं पहले वह वापसी हों। इस दौरान व्यापारियों की पुलिस से भी नोकझोंक भी हो गई।