खरखौदा। गंगा एक्सप्रेस-वे के निकट प्रस्तावित औद्योगिक गलियारे के विरोध में चल रहे धरने के 38वें दिन एसडीएम किसानों के बीच पहुंचे। जहां एक ओर एसडीएम ने किसानों की नब्ज टटोली वहीं, योजना में प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन देते हुए धरना समाप्त करने को कहा। किसानों ने एसडीएम को दो टूक कहा कि मर जाएंगे लेकिन योजना नहीं हटने तक धरना समाप्त नहीं होगा।
औद्योगिक गलियारे के विरोध में किसान 38 दिनों से धरने पर बैठे हैं। धीरे-धीरे ठंड भी बढ़ रही है। प्रशासन ने अब तक किसानों की सुध नहीं ली। मंगलवार को एसडीम कमल किशोर देशभूषण कंडारकर किसानों के बीच धरना स्थल पर पहुंचे। जहां एसडीएम ने संघर्ष समिति के अध्यक्ष श्योराज त्यागी के नेतृत्व में धरने पर बैठे किसानों को समझाने का प्रयास किया और औद्योगीकरण के लिए दूसरे चरण की भूमि अधिग्रहण योजना में अभी लंबा समय बताया। उन्होंने किसानों से धरना समाप्त कर घर वापस जाने की बात कही। किसानों ने शासन पर योजना में अंदर खाने लगातार कार्रवाई करते हुए किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। एसडीएम ने औद्योगिकीकरण के कई फायदे भी किसानों को समझाए। किसानों ने एसडीएम को बताया कि इस योजना को यहां से कहीं अन्य स्थान पर ले जाने की बात कही। किसानों ने कहा कि जब तक यह अधिग्रहण योजना यहां से समाप्त नहीं होगी किसान धरने पर बैठे रहेंगे। बाद में एसडीएम ने किसानों से अपना मांग पत्र देने के लिए कहा, जिसमें किसानों ने अपना मांग पत्र एसडीएम को सौंपते हुए शासन तक पहुंचाने की मांग की।
किसानों को किया जा रहा है गुमराह
मौके पर पहुंचे एसडीम से किसानों ने शासन पर गुमराह करने का आरोप लगाया। किसानों का आरोप है कि एक तरफ तो शासन लगातार अपनी कार्रवाई में लगा है, राजस्व विभाग की टीम लगातार मौके पर पहुंचकर किसानों की ट्यूबवेल व कृषि भूमि का चिह्नीकरण कर रही है, उधर दूसरी तरफ शासन इस योजना में कोई कार्रवाई करने से इन्कार कर रहा है।