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हादसे के एक सप्ताह बाद कलंजरी पहुंचे एसडीएम
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मुरादगनर में हुई थी गांव के जयवीर की मौत
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पिछड़ा आयोग के उपाध्यक्ष के दौरे के बाद टूटी अफसरों की नींद
संवाद न्यूज एजेंसी
जानीखुर्द। मुरादनगर में अंत्येष्टि स्थल की छत गिरने से मरने वालों में शामिल कलंजरी निवासी जयवीर सिंह के परिजनों को एक सप्ताह बाद भी सरकारी सहायता नहीं मिल सकी है। मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने हादसे वाले दिन ही मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। बाद में इसे बढा़कर 10 लाख कर दिया गया था।
कलंजरी निवासी जयवीर मेरठ में एक प्राइवेट कॉलेज में चौकीदार था। वह तीन जनवरी की सुबह मुरादनगर में रहने वाले जयराम की अंत्येष्टि में शामिल होने गया था। अंत्येष्टि के दौरान श्मशान घाट पर हुए जयवीर सहित 24 व्यक्तियों की मौत हो गई थी। मृतक जयवीर के पुत्र पंकज के अनुसार घटना के बाद शुक्रवार तक प्रशासन के किसी अधिकारी ने उनकी सुध नहीं ली।
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश पिछड़ा आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. हीरा ठाकुर उनके घर शोक संवेदना प्रकट करने आए थे। परिजनों की शिकायत पर डॉ. ठाकुर ने ने एसडीएम सदर संदीप भगिया से बात की। इसके बाद शनिवार को एसडीएम जयवीर के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से आर्थिक मदद के लिए कागजात लिए और बताया कि जल्दी ही उन्हें सरकार द्वारा अर्थिक सहायता मिल जाएगी। एसडीएम ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार सरकारी नौकरी के लिए परिवार के एक सदस्य का नाम भी मांगा। डॉ. ठाकुर ने इससे पहले मेरठ से भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के क्षेत्रीय महामंत्री मनीष योगी, मेरठ महानगर अध्यक्ष संजीव प्रधान, उपाध्यक्ष देवीचरण सेन, महामंत्री जितेंद्र राणा आदि के साथ मुरादनगर में प्रत्येक पीड़ित परिवार के परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने व सभी पीड़ित परिवारों के परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी,10 लाख की सरकारी सहायता, एक आवास आदि देने पर धन्यवाद प्रकट किया।