मवाना। एसडीएम ऋषिराज व पुलिस क्षेत्राधिकारी यूएन मिश्र ने कोरोना के संबंध में सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं इसके बाद बाजार में पहुंच दुकानों की जांच की तथा सभी दुकानदारों को मास्क, सैनेटाइजर आदि के दामों की सूचि दुकान पर लगाने तथा कालाबाजारी नहीं करने के आदेश दिए।
थाने में एसडीएम ऋषिराज, सीओ यूएन मिश्र ने तहसील, ब्लाक, नगर पालिका, मंडी समिति, बाट माप तौल विभाग आदि सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक में निर्देश देते हुए कहा कोरोना से बचाव के लिए जनता को ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया जाए। नगर पालिका ईओ को सभासदों से वार्डों में जाकर जनता कर्फ्यू में सहयोग करने को अपने वार्ड के लोगों से कहें। यही निर्देश बीडीओ को भी दिए तथा ग्राम प्रधानों से साफ सफाई रखने को कहा। मंडी समिति अधिकारी से मंडी में आने वाले लोगों से साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने तथा भीड़ न लगाने के लिए कहा। सीएचसी प्रभारी को एक एंबुलेंस को सैनेटाइज करके रखने के लिए कहा। जिसमें किसी और रोगी के प्रयोग में न लाया जाए। इसके बाद सीएचसी पहुंचे तथा आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया। इसके बाद मेडिकल स्टोरों पर पहुंच संचालकों से निर्धारित दर पर ही सामान बेचने तथा मास्क, सैनेटाइजर आदि का स्टाक व रेट की सूचि लगाने के निर्देश दिए। किराना स्टोरों पर भी पहुंच दाम तथा स्टाक आदि की जानकारी ली।
एसडीएम और सीओ से मिल मेडिकल स्टोर संचालक
मवाना। बांट माप निरीक्षक द्वारा मेडिकल स्टोरों का चालान किए जाने के संबंध में मेडिकल स्टोर संचालक एसडीएम व सीओ से मिले। संचालकों ने कहा कि जो चालान किए गए हैं उसको निरस्त करने की मांग की। जिस पर एसडीएम ने उनको आश्वासन दिया है।
उल्लेखनीय है कि दो तीन दिन पूर्व बांट माप निरीक्षक कल्पना तोमर ने सात मेडिकल स्टोरों पर छापे मारी की थी। जिसमें उन्होंने तीन का चालान किया था। इस मामले को लेकर मेडिकल संचालकों में भारी रोष है। संचालकों का कहना है कि उनको छापामारी करने का अधिकार ही नहीं है, साथ ही बिल आदि भी उनसे नहीं लिया गया है। इस संबंध में मेडिकल संचालक थाने में एसडीएम से मिले तथा पूरे मामले से अवगत कराते हुए किए गए चालान को निरस्त करने की मांग की। जिस पर एसडीएम ने उनको आश्वासन दिया। वहीं बांट माप निरीक्षक कल्पना तोमर का कहना है कि उन्होंने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत छापामारी कर कार्रवाई नियमानुसार की है। मेडिकल संचालक मुकुल रस्तोगी, भूपेंद्र त्यागी, पंकज कामिल, मयंक रस्तोगी आदि थे।