सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उस्मान और अनस नाम के दो व्यक्ति सभी ऊंटों पर अलग-अलग मालिकाना हक बता रहे हैं। दोनों ने कोर्ट में याचिका लगा रखी है। ऊंट किसके हैं, पहले यह जांच होना अनिवार्य है।
मामले की अगली सुनवाई हाईकोर्ट में हो, उससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट ने उस्मान और अनस को नोटिस भेज दिया और 19 जून (तीन सप्ताह का समय) तक अपने अपने मालिकाना हक के साक्ष्य प्रस्तुत करने की बात कही।
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पुलिस भी दिल्ली और राजस्थान में ऊंटों की तलाश में गई थी। ऊंटों को सुपुर्दगी में ले जाने वाले युवक ने पुलिस को बताया है कि सभी ऊंटों की मृत्यु हो चुकी है। जिसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी उन्होंने मेरठ पुलिस को सौंप दी। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर केस खत्म करने की पटकथा तैयार कर ली।
22 ऊंटों पर दो लोगों ने अलग-अलग अपना मालिकाना हक जताया है, जिसके चलते दोनों लोगों को नोटिस भेजा है कि साक्ष्य के साथ बताएं कि ऊंट का असली मालिक कौन है। पुलिस द्वारा ऊंटों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही आ गई तो केस खत्म हो जाएगा। हाईकोर्ट कोर्ट में जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी। -अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट