सत्यापन के बाद ही जारी होगी छात्रवृत्ति
मेरठ। छात्रवृत्ति वितरण मेें होने वाला गड़बड़झाला रोकने के लिए भारी-भरकम टीम बनाई है। जिलाधिकारी के बालाजी ने जिले के 54 अधिकारियों को 364 कॉलेजों के भौतिक सत्यापन का जिम्मा सौंपा है। कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को जांच के बाद ही वर्ष 20-21 की छात्रवृत्ति जारी की जाएगी। जांच अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट 20 जनवरी तक देनी है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से अधिकारियों को कॉलेजों के नाम के साथ लगाया गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग, लघु सिंचाई, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सहित कई प्रमुख अधिकारी शामिल हैं। एक-एक अधिकारी को अधिककतम आठ कॉलेजों का जिम्मा दिया गया है। अधिकारी एक-एक कॉलेज में जाकर छात्र-छात्राओं के बारे में पूरी जानकारी जुटाएंगे। जांच में सहयोग नहीं करने वाले कॉलेजों के खिलाफ टीम कार्रवाई की सिफारिश भी कर सकती है।
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जांच के आठ बिंदु
- शिक्षण संस्थान वर्तमान में खुले हैं अथवा नहीं, खुलने की तिथि फोटो सहित
- शैक्षिक सत्र 20-21 में छात्रों की कक्षाएं कॉलेज में ऑनलाइन चल रही है या भौतिक रुप से। इसमें छात्रों का विवरण नोट करना होगा
- वर्तमान शैक्षिक सत्र में संस्था की मान्यता, कोर्सों और सीटों की मान्यता है या नहीं
- संस्था में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या छात्रवृत्ति हेतु आवेदनों के बराबर है या नहीं
- छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की मूल प्रमाण पत्र की जांच
- निजी संस्थाओं में प्रोफेशनल कोर्स में यदि अनुसूचित जाति, सामान्य वर्ग के छात्रों के प्रवेश में इंटर के प्राप्त अंकों के आधार पर हुआ है, उन छात्रों के अंकों का प्रतिशत
- छात्र का प्रवेश विश्वविद्यालय या किसी एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षा में प्रतिभाग कर काउंसलिंग के माध्यम से हुआ है या नहीं
- वर्ष 19-20 में जिनको छात्रवृत्ति प्राप्त हुई है उनके द्वारा वर्ष 19-20 में परीक्षा दी गई या नहीं। अगर दी गई है तो पास हुए या नहीं