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सहारनपुर: अनुसूचित जाति के लोगों ने दी धर्मांतरण की चेतावनी, शोभायात्रा निकालने के मार्ग को लेकर विवाद 

Thu, 18 Feb 2021 10:30 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर

सार

- शब्बीरपुर गांव में परंपरागत मार्ग से ही शोभायात्रा निकालने पर अड़े समाज के लोग
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में  संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती पर शब्बीरपुर गांव में शोभायात्रा निकालने के लिए मार्ग को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। प्रशासन का कहना है कि शोभायात्रा निकालने के लिए न्यायालय के आदेश का पालन कराया जाएगा। लेकिन अनुसूचित जाति के लोगों ने चेतावनी दी है कि परंपरागत मार्ग से शोभायात्रा निकालने के लिए प्रशासन ने 21 फरवरी तक अनुमति नहीं दी तो 22 को वह लोग धर्मांतरण करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। 

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बृहस्पतिवार को शब्बीरपुर निवासी मनवीर सिंह, सुदेश कुमार, शिवकुमार, अग्नि भास्कर, श्याम सिंह, दिनेश कुमार, दल सिंह, पलटूराम, शिमला, उर्मिला, बबली, नरेश, लाल्ली, बिरमला आदि ने कहा कि परंपरागत मार्ग से ही शोभायात्रा निकालने के लिए 13 जनवरी को पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजा गया था। लेकिन अब तक जवाब नहीं मिला है।

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आरोप है कि दूसरे पक्ष के दबाव में आकर प्रशासन अनुमति नहीं दे रहा है। यदि 21 फरवरी तक प्रशासन ने परंपरागत मार्ग से शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी तो समाज के लोग हिंदू धर्म का त्याग करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। 

कोर्ट में डाले प्रार्थनापत्र पर जारी हो चुके नोटिस 
शब्बीरपुर में शोभायात्रा के मार्ग को लेकर सुदेश कुमार की तरफ से विशेष न्यायाधीश एससी एसटी के न्यायालय में भी प्रार्थनापत्र दिया। उसमें बताया कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से परंपरागत मार्ग से शोभायात्रा निकालने के लिए अनुमति मांगी मगर अनुमति नहीं दी और शिकायतपत्रों का निस्तारण नहीं किया गया। सुदेश कुमार का दावा है कि इस पर विशेष न्यायाधीश एससी एसटी कोर्ट वीके लाल ने मामले में प्रमुख सचिव, एसएसपी सहित 14 अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। 

चार साल पूर्व हुई थी गांव में हिंसा 
संत रविदास की जयंती पर शोभायात्रा निकालने को लेकर ही 2017 में शब्बीरपुर गांव में जातीय हिंसा हो गई थी। उसमें कई लोगों की जान तक चली गई थी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस घटना के बाद ही राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था।
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