ग्रामीणों का कहना है कि शोभापुर में 85 लोगों में कई बेकसूर भी है। ऐसे लोग भी नामजद कर लिए, जिनका इस उपद्रव से कोई लेनादेना नहीं है। उपद्रव के दौरान वह गांव में नहीं थे। पुलिस ने राजनीति के तहत दबाव बनाने के लिए बेकसूर लोगों को आरोपी बनाया है।
जांच के बाद होगी गिरफ्तारी
शोभापुर गांव में लगातार पुलिस, पीएसी और आरएएफ का पहरा हैं। सीओ ने फर्जी नामजदगी के मामले में हंगामा करती महिलाओं को आश्वासन दिया कि किसी को भी बिना जांच किए जेल नहीं भेजा जाएगा। इस दौरान पूनम गौतम, सरोज, बबली, इमरती, प्रेमवती, शीला, उर्मिला, मधु, शकुंतला, रीना गौतम आदि मौजूद रही।
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