जिला न्यायालय में फाइनल बहस शुरू... सुनाई पति-पत्नी के भरोसे के कत्ल के खुलासे से पहले की कहानी
अभियोजन पक्ष के वकील बोले- मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल के खिलाफ 22 गवाहों ने दर्ज कराए बयान
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के पति-पत्नी के भरोसे का खून करने वाले बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में शुक्रवार को जिला न्यायालय में फाइनल बहस शुरू हो गई। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय को बताया कि सौरभ के भाई ने प्राथमिकी में कहा कि उसकी भाभी मुस्कान रस्तौगी के साहिल शुक्ला से संबंध थे। उसे आशंका है कि उसके भाई सौरभ राजपूत की हत्या कर दोनाें ने शव छिपा दिया है। इस केस में अब 27 मई को सुनवाई होगी और बहस जारी रहेगी।
बृहस्पतिवार को चार्ज संभालने वाले जिला जज अरविंद मिश्र की अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता ने न्यायालय में फाइनल बहस के प्रथम चरण में प्राथमिकी की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ब्रह्मपुरी थाने में 18 मार्च 2025 को सौरभ के भाई बबलू ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बबलू ने कहा था कि उनके भाई सौरभ ने मुस्कान से प्रेम विवाह किया था। सौरभ ने उन्हें बताया था कि वर्ष 2019 से उसकी पत्नी मुस्कान के साहिल शुक्ला से संबंध हैं। सौरभ ने बताया था मुझे मुस्कान और साहिल से जान का खतरा बना हुआ है। बबलू ने कहा कि वह और उसके पिता मुस्कान को समझाते रहते थे। तीन मार्च से सौरभ का कोई अता-पता नहीं है। बबलू ने आशंका जताई थी कि मुस्कान और साहिल ने उसके भाई की हत्या कर शव छिपा दिया है। इसके अलावा अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया गया कि 22 गवाहों ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बयान दिए हैं। उन्होंने गवाहोें और साक्ष्यों के संबंध में कोर्ट को जानकारी दी।
-
ये है नीले ड्रम में शव के टुकड़े भरने की वारदात
ब्रह्मपुरी निवासी सौरभ राजपूत लंदन के एक मॉल में काम करता था। इससे पहले वह मर्चेंट नेवी में काम कर चुका था। वह बेटी पीहू और पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाने लंदन से 24 फरवरी 2025 को अपने घर आया था। सौरभ ने 25 फरवरी को बेटी पीहू और 27 फरवरी को पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाया था। इसके बाद तीन मार्च 2025 की रात को उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सीने में चाकू घोंपकर और छुरी से गर्दन काटकर उसकी हत्या कर दी थी। हत्या के बाद दोनों ने शव के टुकड़े कर उसे प्लास्टिक के नीले ड्रम में डाले और ऊपर से सीमेंट का घोल डालकर सील कर दिया था। वारदात के बाद पांच मार्च को दोनों घूमने के लिए हिमाचल प्रदेश चले गए थे। रुपये खत्म होने पर 17 मार्च को दोनों मेरठ लौट कर आए थे। 18 मार्च को आरोपियों की निशानदेही पर नीला ड्रम बरामद किया। खून से सने कपड़े, वारदात में प्रयोग की गई छुरी आदि बरामद किए गए। 19 मार्च पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट मेें पेश किया। कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। तभी से दोनों जिला कारागार में बंद हैं। मुस्कान ने जेल में बेटी को भी जन्म दिया है।
-