आईओ की जांच और दर्ज कराए गए बयान की दी गई जानकारी
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। बहुचर्चित नीले ड्रम वाले सौरभ हत्याकांड में जल्द फैसला आ सकता है। शनिवार को अभियोजन पक्ष ने वारदात के जांच अधिकारी की जांच और दर्ज कराए गए बयान की जानकारी कोर्ट के सामने रखी। इसके बाद अभियोजन पक्ष की अंतिम बहस पूरी हो गई। अभियोजन पक्ष के बाद अब बचाव पक्ष अपनी ओर से कोर्ट में दलील दे सकता है। इसके बाद अदालत निर्णय सुनाएगी। इस केस में अब सोमवार को सुनवाई होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि ब्रह्मपुरी थाने के जांच अधिकारी रहे एसआई कर्मवीर सिंह और प्रभारी निरीक्षक रमाकांत पचौरी ने सौरभ हत्याकांड की जांच की थी। शनिवार को अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में बताया कि मुस्कान और साहिल शुक्ला का प्रेम प्रसंग था। सौरभ प्रेम प्रसंग में बाधा बन रहा था। उसे रास्ते से हटाने के लिए मुस्कान और साहिल शुक्ला ने उसकी हत्या कर दी थी। आरोपियों ने सीने में चाकू घोंप कर हत्या करके बाद मुस्कान ने उस्तरे से और साहिल शुक्ला ने छुरी से सौरभ की गर्दन और दोनों हाथ काटे थे। आरोपियों ने शव के टुकड़े नीले ड्रम मेें भरकर उसे सीमेंट से चिन दिया था। वारदात के बाद दोनों शिमला, मनाली, कसौल घूमने गए, वहां पर दोनों पति-पत्नी के रूप में होटलों में ठहरे थे। होटल मैनेजरों के भी कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए थे।
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