Meerut News: ब्रह्मपुरी में मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। दोनों आरोपी जेल में बंद हैं और जिला जज कोर्ट में हत्याकांड की सुनवाई चल रही है।
ब्रह्मपुरी के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मंगलवार को अदालत में मुस्कान को दवा देने वाले उषा मेडिकल स्टोर संचालक अमित जोशी की गवाही हुई। उसने कहा कि मुस्कान उसकी दुकान पर नींद की दवाई लेने आई थी, उसके साथ एक बुजुर्ग भी था, जो उसे स्कूटी पर लेकर आया था। उल्लेखनीय है कि सौरभ की हत्या करने से पहले मुस्कान तीन मार्च को मकान मालिक के साथ स्कूटी पर जाकर मेडिकल स्टोर से नींद की दवा लेकर आई थी।
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न्यायालय में मंगलवार को मुकदमे के ट्रायल के दौरान मुस्कान और साहिल शुक्ला की जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेशी हुई। अदालत ने अमित जोशी से मुस्कान की पहचान कराई। अमित ने कहा कि ये महिला उसकी दुकान पर एक बुजुर्ग के साथ स्कूटी पर आई थी, जो नींद की दवा लेकर गई थी।
बचाव पक्ष के वकील ने पूछा, आपने नींद की दवा कैसे दे दी, जिस पर दुकानदार ने बताया कि मुस्कान ने मोबाइल फोन पर डॉक्टर का लिखा पर्चा दिखाया था। उसी आधार पर दवाई दी थी। अदालत ने अब 19 सितंबर की तारीख नियत की है, नीला ड्रम काटने वाले अशोक कुमार की गवाही के लिए उसे तलब किया है।
इन गवाहों के हो चुके बयान
सौरभ हत्याकांड के मुकदमे का ट्रायल जिला जज संजीव पांडे के न्यायालय में चल रहा है। ट्रायल में पहले सभी 36 गवाहों की बयान दर्ज किए जाएंगे। कोर्ट में अभी तक मुकदमे के वादी मृतक सौरभ के भाई बबलू, रिपोर्ट दर्ज करने वाले हेडमोहर्रिर बृजेश कुमार, सौरभ की मां रेणू, मृतक के दोस्त सौरभ कुमार, चाकू छुरी विक्रेता राकेश, नीला ड्रम विक्रेता सैफुद्दीन और बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान करने वाले आशु, दवा लिखने वाले डॉ. अरविंद कुमार देशवाल और दवाई देने वाले दुकानदार अमित जोशी की गवाही हो चुकी है।
यह था हत्याकांड
लंदन के एक मॉल में काम करने वाला सौरभ राजपूत पूर्व में नेवी मर्चेट में काम करता था। लंदन से 24 फरवरी को मेरठ अपने घर ब्रह्मपुरी आए सौरभ ने 25 फरवरी को बेटी पीहू का जन्मदिन और 27 फरवरी को पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाया था। सौरभ की 3 मार्च की रात को उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सीने में चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों ने शव के टुकड़े कर उसे प्लास्टिक के नीले ड्रम में सीमेंट के घोल से सील कर दिए थे।