मेरठ। दंपती के रिश्ते और भरोसे को रक्तरंजित करने वाले बहुचर्चित नीले ड्रम वाले सौरभ हत्याकांड में मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सौरभ के दोस्त हरिनगर निवासी संजीव पाल ने गवाही दी। संजीव ने कहा कि उसने आठ मार्च 2025 को सौरभ के मोबाइल नंबर पर कॉल कीं लेकिन मुस्कान ने उसे धमकाकर फोन काट दिया। इसके साथ इस केस में गवाही की कार्यवाही पूरी हो गई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने बताया कि तीन मार्च 2025 की रात सौरभ की हत्या के बाद दोनों आरोपी पत्नी मुस्कान और उसका प्रेमी साहिल शुक्ला शिमला, मनाली और कसौल के होटलों में रुके थे। वह अपने साथ सौरभ का मोबाइल भी ले गए थे। संजीव पाल ने कोर्ट में बताया कि सौरभ न केवल उसके बचपन का दोस्त था बल्कि दोनों ने कक्षा दस तक साथ पढ़ाई भी की थी। जब उसे पता चला कि सौरभ लंदन से मेरठ आया है तो उसने आठ मार्च को उसके मोबाइल नंबर पर कॉल की। तीन बार कॉल रिसीव नहीं की गई।
चौथी बार मुस्कान ने कॉल रिसीव करते ही अभद्रता से बोलना शुरू कर दिया। मुस्कान ने कहा कि बार-बार कॉल कर क्यों डिस्टर्ब कर रहे हो। मैं और सौरभ घूमने आए हुए हैं। संजीव पाल ने कहा भाभी एक बार सौरभ से मेरी बात तो करा दो। मुस्कान ने यह कहकर फोन काट दिया कि अब इस नंबर पर कभी कॉल मत करना। बाद में उसे पता चला कि मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर उसके दोस्त सौरभ की हत्या कर दी है। इस केस में 21 गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद गवाही की कार्यवाही पूरी हो चुकी है। उम्मीद है इसी माह इस केस में फैसला आ जाएगा।
इनकी हो चुकी है गवाही
इस केस में सौरभ के भाई बबलू, रिपोर्ट दर्ज करने वाले हेड मोहर्रिर बृजेश कुमार, सौरभ की मां रेणू, मृतक के दोस्त सौरभ कुमार, चाकू छुरी विक्रेता राकेश, नीला ड्रम बेचने वाले सैफुद्दीन और बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान चलाने वाले आशु, दवा लिखने वाले डॉ. अरविंद कुमार देशवाल, दवाई देने वाले उषा मेडिकल स्टोर संचालक अमित जोशी, नीले ड्रम को काटने वाले अशोक, पंचनामा भरने वाले दरोगा धर्मेंद्र गौड़, पोस्टमार्टम करने वाले डॉ दिनेश सिंह चौहान, कैब चालक अजब सिंह, पहले विवेचक एसआई कर्मवीर सिंह और चार्जशीट दाखिल करने वाले विवेचक इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी, जियो मोबाइल कंपनी के नोडल अधिकारी लोकेश कुमार, मनाली, कसौल और शिमला के तीन होटल मैनेजरों आदि की भी गवाही हो चुकी है।
यह था हत्याकांड
लंदन के एक मॉल में काम करने वाला सौरभ राजपूत पूर्व में नेवी मर्चेट में काम कर चुका था। वह लंदन से 24 फरवरी 2025 को मेरठ अपने घर ब्रह्मपुरी आया था। सौरभ ने 25 फरवरी 2025 को बेटी पीहू का जन्मदिन और 27 फरवरी को पत्नी मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाया था। सौरभ की तीन मार्च 2025 की रात को उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर सीने में चाकू घोंपकर और छुरी से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद दोनों ने शव के टुकड़े कर उसे प्लास्टिक के नीले ड्रम में डाले और ऊपर से सीमेंट का घोल डालकर सील कर दिया था। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद पांच मार्च को दोनों घूमने के लिए हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, कसौल चले गए थे। 17 मार्च को दोनों मेरठ लौट कर आए थे। 18 मार्च को इस बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा हुआ था। 19 मार्च 2025 को ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने सौरभ के भाई बबलू की ओर से हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था, तभी से दोनों जेल में बंद हैं। नवंबर में मुस्कान ने बेटी को जन्म दिया था।