मेरठ। ब्रह्मपुरी में हुए सौरभ हत्याकांड में मंगलवार को कैब चालक अजब सिंह की गवाही कोर्ट में नहीं हो सकी। जिला जज का तबादला होने के चलते अब गवाही 11 नवंबर को होगी।
दरअसल, मुस्कान रस्तोगी ने तीन मार्च को अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। दोनों ने उसके शव को चार टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में डाला और ऊपर से सीमेंट का घोल भर दिया था। शिमला से वापस लौटने पर मुस्कान ने अपने परिवार को वारदात के बारे में जानकारी दी। परिवार ने ब्रह्मपुरी थाने पहुंचकर पूरे प्रकरण की जानकारी दी थी। पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया था। 19 मार्च को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। मुस्कान और साहिल चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंद है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है। अब तक इस मामले में मृतक के भाई बबलू राजपूत, मां रेणू देवी, मृतक के दोस्त, चाकू विक्रेता, ड्रम बेचने वाला, बिल्डिंग मेटेरियल व्यापारी, पंचनामा भरने वाले सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार, डॉक्टर अरविंद देशवाल, मेडिकल स्टोर संचालक अमित जोशी और ड्रम काटने वाले अशोक, डॉक्टर दिनेश सिंह की गवाही हो चुकी है। शिमला और कसौल में घुमाने वाले कैब चालक अजब सिंह के मंगलवार को कोर्ट में बयान होने थे। लेकिन जिला जज का तबादला होने के चलते गवाही नहीं हो सकी। अब 11 नवंबर को गवाही होगी। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि इस मामले में लगातार गवाही चल रही है।