मेरठ। साढ़े तीन साल पहले माछरा में छात्र तरुण गिरि हत्याकांड में न्यायालय अपर जिला जज कोर्ट संंख्या- 2 आलोक द्विवेदी ने तुषार भाटी, प्रिंस, अंकुर निवासीगण ग्राम इंद्रपुरा थाना किठौर और हसनपुर कलां निवासी अनिकेत उर्फ गुल्लू उर्फ को दोषी करार दिया है। सभी को आजीवन कारावास और 12-12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। चारों को जेल भेज दिया है।
अभियोजन के अनुसार, थाना किठौर पर 7 जून 2022 को परीक्षित गढ़ क्षेत्र के गांव गोविंदपुरी निवासी किसान मनोज गिरि ने बेटे तरुण गिरि (24) की हत्या का मामला दर्ज कराया था। पीड़ित पिता ने केस दर्ज कराते हुए बताया कि उनके बेटे तरुण गिरि को फोन करके तुषार भाटी व अनिकेत उर्फ गुल्लू ने माछरा बुलाया, वहां आने पर आरोपियों ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर लात घूसे और डंडों से पीटकर मारा था। तरुण के गंभीर रूप से घायल होने पर उसे राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया। वहां पर उपचार के दौरान उनके बेटे तरुण गिरि की मृत्यु हो गई। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। चार्जशीट दाखिल करने के बाद अदालत में ट्रायल चला। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में केस को साबित करते हुए 11 गवाह पेश किए। मंगलवार को न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनते हुए पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तुषार भाटी, प्रिंस, अंकुर और अनिकेत उर्फ गुल्लू को दोषी करार दिया। इसके बाद सभी को आजीवन कारावास और प्रत्येक को 12-12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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दो साल से तरुण और तुषार में चल रही थी टशन
मेरठ। गोविंदपुरी निवासी तरुण गिरि और किठौर क्षेत्र के इंद्रपुरा निवासी तुषार भाटी में वारदात से दो साल पहले से टशन चल रही थी। हालांकि पहले दोनों दोस्त थे। वर्ष 2020 में तुषार की एक गलत हरकत पर तरुण ने उसे फटकार दिया था। इसके बाद दोनों माछरा डिग्री कॉलेज में पढ़ने लगे। तरुण बीए द्वितीय वर्ष और तुषार भाटी बीए प्रथम वर्ष के छात्र थे। वारदात से कुछ दिनों पहले एक शादी समारोह में तरुण ने तुषार की पटाई कर दी थी। इसी रंजिश में तुषार ने 7 जून 2022 को फोन करके तरुण को माछरा बुलाया और अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी पीटकर हत्या कर दी थी।
सजा पाने वालों में दो छात्र
आजीवन कारावास की सजा पाने वालों में तुषार भाटी और अनिकेत उर्फ गुल्लू वारदात के समय बीए प्रथम वर्ष के छात्र थे। जबकि अंकुर और प्रिंस निजी कंपनी में नौकरी करते थे। पुलिस ने चारों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। जेल जाने के डेढ़ साल बाद चारों आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
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साढ़े तीन साल में आया कोर्ट का फैसला
छात्र तरुण गिरि हत्याकांड में साढ़े तीन साल में ही अदालत का निर्णय आ गया। सात जून 2022 को तरुण की हत्या हुई थी। तीन मार्च 2023 को पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए थे। 24 अप्रैल 2023 को मुकदमे का ट्रायल शुरू होने पर गवाहों की गवाही शुरू हो गई थी। 27 सितंबर 2024 को आरोपियों के बयान दर्ज किए गए। 27 अक्तूबर 2025 को कोर्ट में सभी गवाहों की बहस पूरी हुई। चार अक्तूबर को अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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न्यायालय पर पूरा भरोसा था
-अदालत के फैसले पर छात्र तरुण गिरि के पिता मनोज गिरि और भाई मोहित गिरि ने कहा कि हमें न्याय मिला है, हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा था।
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