रोहटा ब्लॉक के गांव कलीना के लाल अंतर्राष्ट्रीय शूटर सौरभ चौधरी के गोल्ड के आगे कुख्यातों की दुनिया फीकी पड़ गई है। सौरभ की यह उपलब्धि उन मुट्ठी भर बदमाशों और चंद युवाओं के लिए नजीर है जिनकी वजह से पुलिस रिकॉर्ड में रोहटा ब्लॉक बदनाम है। वहीं, सौरभ के सोना बटोरने की खुशी इलाके के लोगों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रही है।
मुश्किल सफर बनाया आसान
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रोहटा ब्लॉक में 12 कुख्यात बदमाश हैं। जो लूट, रंगदारी व सुपारी लेकर हत्या करते हैं। अपराध के चलते रोहटा ब्लॉक काफी बदनाम हैं। अक्सर रोजाना ही यहां आपराधिक वारदात होती हैं। कलीना गांव के भी कई अपराधी हैं। ऐसे मुश्किल सफर में सौरभ ने खुद को तराशा और अपने गांव और ब्लॉक की अलग पहचान बनाई। वो भी ऐसे इलाके की जहां से बाहर जाना खतरे से खाली नहीं है।
इन अपराधियों का इलाके में दखल
कुख्यात योगेश भदौड़ा, ऊधम सिंह, सुमित जाट, भरतू नाई, मोनू जाट, निगम त्यागी, अंसार, बिजेंद्र सहित 12 अपराधियों का रोहटा इलाके में बड़ा दखल है। इसके अलावा इन कुख्यातों के सैकड़ों गुर्गे हैं, जो आपराधिक वारदातों में लिप्त रहते हैं। इन बदमाशों के सामने मुंह खोलना तो दूर, आगे बढ़कर चलना भी मुश्किल है। कई बार तो लोग रंजिश के चलते गांव के युवाओं को नामजद करा देते हैं, ताकि वह आगे न बढ़ सकें।
परिवार का भरपूर सहयोग
सौरभ चौधरी को अपने परिवार का भरपूर सहयोग मिला। परिवार ने सौरभ को बुराईयाें से हमेशा बचाकर रखा। ताकि वह किसी गलत संगत में न पड़े। सौरभ की इस सफलता से परिवार फूला नहीं समा रहा है। वहीं, गांव में यह भी चर्चा है कि क्या सौरभ की इस उपलब्धि से रोहटा ब्लॉक के उन युवाओं की सोच भी बदलेगी, जो जरायम की चकाचौंध में गलत ट्रैक पर जा रहे हैं।
खुशी और बधाइयों का दौर
सौरभ के गोल्ड जीतने पर इलाके में खुशी का माहौल है। सौरभ के घर बधाइयों का दौर चल रहा है। कहीं ढोल बज रहे हैं तो कहीं बैंडबाजे। दोपहर से ही लोगों का आना-जाना लगा है।
पुलिस भी करेगी सम्मान
वाकई मेरठ जिले में रोहटा ब्लॉक में सबसे ज्यादा बदमाश हैं। अपराध का ग्राफ भी ऊंचा है। ऐसे इलाके का युवा सौरभ चौधरी एशियाड खेल में गोल्ड लाया है, यह बड़ी बात हैं। सौरभ को बधाई देने मैं भी जाऊंगा। पुलिस भी सौरभ का सम्मान करेगी। ताकि रोहटा ब्लॉक के अन्य युवा भी अपनी सोच बदलें। -राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी