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सौरभ चौधरी ने इतिहास रचकर जीता पिता का दिल, दादा बोले- मेरे लाल ने किया देश का नाम रोशन

Tue, 21 Aug 2018 06:43 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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सौरभ चौधरी - फोटो : अमर उजाला
महज 16 साल की उम्र में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर सौरभ चौधरी ने इतिहास रच दिया है। सौरभ चौधरी के पिता बेहद खुश हैं और उनका कहना है कि आज उनकी तपस्या पूरी हो गई हैं। वहीं सौरभ के दादा जी ने कहा, मेरे लाल ने जिले से लेकर पूरे देश का नाम रोशन किया है। सौरभ चौधरी के जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें आगे पढ़िए :-
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सौरभ चौधरी - फोटो : अमर उजाला
सौरभ चौधरी ने मंगलवार को एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 'गोल्ड' जीतकर इतिहास रच दिया है। खास बात यह है कि एशियाड में गोल्ड जीतने वाले सौरभ सबसे युवा शूटर हैं।
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सौरभ के गांव जश्न मनाते परिजन - फोटो : अमर उजाला
सौरभ के पिता जगमोहन सिंह किसान है। जबकि माता ब्रजेश देवी गृहिणी है। सौरभ के परिवार में कोई भी शूटिंग का खिलाड़ी नहीं है। भाई नितिन के अनुसार गांव के कुछ लड़के शूटिंग की प्रैक्टिस के लिए जाते थे, उन्हें देखकर सौरभ ने भी उनके साथ शूटिंग की प्रैक्टिस करने का निर्णय लिया। इसके बाद उसने 2015 में बड़ौत के पास बिनौली में वीरशाहमल राइफल क्लब में प्रैक्टिस शुरू की। वो रोज करीब आठ से नौ घंटे प्रैक्टिस करते हैं।

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सौरभ चौधरी - फोटो : अमर उजाला
सौरभ की जीत का पता लगते ही गांव में मिठाईयां बंटनी शुरू हो गई। वहीं सौरभ के माता-पिता को बधाई देने वालों का तांता लग गया। यही नहीं बल्कि गांव में ढोल नगाड़ों के साथ खुशी का जश्न मनाया गया। बता दें कि इस दौरान गांव में बच्चों से लेकर बड़ों तक ने जमकर डांस किया। सौरभ के माता-पिता बेहद खुश हैं और सौरभ के पिता का कहना है कि उनकी तपस्या आज पूरी हो गई है।
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सौरभ चौधरी - फोटो : अमर उजाला
किसान परिवार एयर पिस्टल जैसे महंगे खेल का खर्च नहीं उठा पा रहा था, किंतु सौरभ की लगन को देखकर उन्होंने पांच माह बाद पिस्टल खरीदकर दी। सौरभ का पढ़ाई में भले ही दिल नहीं लगा, किंतु पदक के लिए दिल लगाने में कोई चूक नहीं की। गांव वाले बताते हैं कि सौरभ पूरी तरह निशानेबाजी को समर्पित है। गांव के स्कूल से हाईस्कूल में पढ़ाई कर रहा है। सुबह पांच बजे रेंज पर पहुंचकर प्रैक्टिस में जुट जाता था।
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सौरभ के गांव जश्न मनाते परिजन - फोटो : अमर उजाला
सौरभ के भाई नितिन बताते हैं कि उसने जबरदस्त एकाग्रता से 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में अचूक खेल दिखाते हुए जापान एवं जर्मनी में भी पदक जीता। इसके बाद डा. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में लगे इंडिया कैंप में सौरभ ने और कड़ी मेहनत की।

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