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शूटर सौरभ चौधरी हर शॉट के बाद खुद से करता था ये वादा, जानें कैसे आसान हुआ 'गोल्ड' का लक्ष्य

Fri, 24 Aug 2018 06:09 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
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एशियाई खेलों में पिस्टल के सुल्तान बनकर उभरे बागपत के स्वर्ण पदक विजेता सौरभ चौधरी का कहना है कि फाइनल मुकाबले में बड़े खिलाड़ियों के विषय में सोचा ही नहीं। मेरा लक्ष्य सिर्फ अपना सौ फीसदी देना था।  जी हां,  गुरूवार को अमर उजाला से बातचीत में सौरभ चौधरी ने स्वर्ण पदक जीतने का संस्मरण साझा किया। जिसमें उन्होंने बताया 'गोल्ड' का राज। जानें हर शॉट के बाद ये जांबाज शूटर खुद से करता था कौन सा वादा :-

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ऐसे हुआ लक्ष्य आसान

फाइनल में आठ खिलाड़ी थे, जिनमें ओलंपिक पदक विजेता भी शामिल थे,लेकिन मैने एकाग्रता बनाए रखी। सबके पास 24 शॉट थे, मैने तय किया था कि किसी भी शॉट को खराब नहीं करना है। जापान के खिलाड़ी के साथ कड़ी टक्कर हुई, लेकिन मैने खुद से कहा था कि नतीजा कुछ भी मुझे बेहतर से बेहतर प्रदर्शन करना है। मैने यही किया और आगे बढ़ा। हर शॉट के बाद खुद से पदक का वायदा करता था। 22वें शॉट तक यह तय नहीं था कि गोल्ड तक का सफर आसान है, लेकिन जापान के खिलाड़ी के 23वें खराब शॉट से मेरा काम आसान हुआ। लक्ष्य ओलंपिक पदक है। सौरभ के मुताबिक उन्हें जीतू राय काफी पसंद है। 

भाई ने गले लगाया, ताऊ ने थपथपाई पीठ 
एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लौटे निशानेबाज सौरभ चौधरी से परिवार के लोग दिल्ली मिलने पहुंचे। मेरठ के कलीना गांव से ताऊ किरण पाल सिंह, भाई नितिन चौधरी और सौरभ के जीजा धर्मेंद्र देशवाल दिल्ली पहुंचे। सुबह छह बजे एयरपोर्ट से लेकर वह होटल तक गए और करीब नौ बजे वापस मेरठ के लिए आ गए। परिवार के लोगों ने सौरभ चौधरी को गले लगाया। ताऊ ने हौंसला बढ़ाया और बेहतर खेल दिखाने को प्रेरित किया। 
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सचिन तेंदुलकर ने दी सौरभ को बधाई

मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ट्वीट के जरिये सौरभ चौधरी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सौरभ तुमने देश का मान बढ़ाया। बधाई और भविष्य में इसी तरह ढेरों पदक जीतने के लिए शुभकामनाएं। 

हरियाणा में कांस्य पर 75 लाख और यूपी में सोने पर 50 लाख 
गोल्डन बॉय कहता है कि हरियाणा में कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकार 75 लाख दे रही है, जबकि यूपी में स्वर्ण पदक जीतने पर सिर्फ 50 लाख मिल रहे हैं। दोहरा मापदंड है, जबकि खिलाड़ी एक ही जगह से पदक लेकर लौटे हैं। यूपी में खिलाड़ियों को अधिक प्रोत्साहन दिए जाने की जरूरत है, तभी खेल के हालात सुधरेंगे।  


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