- मादक पदार्थ की तस्करी के जुर्म में जेल में बंद है रछौती का युवक
संवाद न्यूज एजेंसी
मुंडाली (मेरठ)। मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में सऊदी अरब की जेद्दाह सेंट्रल जेल में कैद मुंडाली के रछौती गांव निवासी जैद की सजा-ए-मौत टल गई है। उसकी दया याचिका पर सऊदी अरब सरकार ने सजा-ए-मौत को 15 साल की कैद में तब्दील कर दिया है। हालांकि फिलहाल रिहाई के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। सऊदी अरब के वकीलों ने उनकी सजा को कोर्ट में चुनौती देने से इन्कार कर दिया। उन्होंने जैद और उनके परिजनों को निर्धारित समय पर सऊदी कोर्ट में माफीनामे की अर्जी दाखिल करने या भारत सरकार की सिफारिश पर बेटे को रिहा कराने का मशविरा दिया है।
मुंडाली थाने के रछौती गांव निवासी जैद पुत्र जुबैर जून 2018 में सऊदी अरब की स्वालेह मुहम्मद अल सुदेश कंपनी में चालक की नौकरी करने गया था। बेहतर नौकरी नहीं मिलने पर वह वहीं अल जफर कंपनी तनाजुल में चालक के पद पर काम करने लगा। एक वर्ष बीता ही था कि जैद की गाड़ी दुघर्टनाग्रस्त हो गई। कंपनी मालिक ने जैद से गाड़ी की कीमत वसूलने को मुकदमा कर दिया। इसी दौरान वहां से नौकरी छोड़कर वह एक पुलिस की गाड़ी पर चालक के रूप में काम करने लगा। यहां पाकिस्तान के दो नागरिक पहले से ही कार्यरत थे। जैद के भाई सुहैल ने बताया कि पुलिस अफसर रात में तीनों से कूड़े के डंपर चलवाता और दिन में घरेलू वाहन से जगह-जगह संदिग्ध सामान भिजवाता था। एक दिन चेकिंग में जैद की गाड़ी रोकी गई तो उसमें मादक पदार्थ जब्त किया गया। इसके बाद पुलिस ने जैद सहित तीन आरोपियों को जेल भेज दिया।
इसी मामले में मक्का क्रिमिनल कोर्ट ने जैद और एक पाकिस्तान नागरिक को सजा-ए-मौत सुनाई और तीसरे को बरी कर दिया। जैद ने दया याचिका दायर की तो सजा-ए-मौत को उम्रकैद में बदल दिया गया। जैद ने पुन: याचिका दायर की तो तो सजा को अर्थदंड सहित 15 वर्ष कैद में बदला गया।
रिहाई के लिए वकीलों से बातचीत
जैद के भाई सुहैल ने बताया कि सऊदी अरब में नौकरी कर रहे नईम और बिलाल ने वहां वकीलों के द्वारा वास्तविकता का पता किया तो सामने आया कि मक्का क्रिमिनल कोर्ट की बेवसाइट पर जैद को 15 वर्ष की अर्थदंड सहित कैद की सजा हुई है, जबकि दया याचिका पर सजा-ए-मौत टाल दी गई है। सुहैल ने बताया कि सऊदी अरब के वकीलों ने सजा के आदेश को कोर्ट में चुनौती देने से इन्कार कर दिया है।
परिजन भारतीय दूतावास से करेंगे संपर्क
सुहैल के मुताबिक सऊदी अरब के वकीलों ने जैद की रिहाई के तीन तरीके बताएं हैं-ये हैं कि निश्चित समय अवधि में जैद माफीनामे की याचिका डालता रहे या भारत सरकार सऊदी अरब सरकार से सजा माफी की सिफारिश करे या सऊदी अरब का कोई व्यक्ति कानून के मुताबिक पैसा अदा कर उसे रिहा कर दे। फिलहाल जैद के जेल से छूटने के कोई आसार नहीं है। परिजन उसकी रिहाई के लिए भारतीय दूतावास से सपंर्क करेंगे।