संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। नाट्यदीप फाउंडेशन और संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में 24वें तीन दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव का शुक्रवार की रात शुभारंभ हो गया। प्रथम प्रस्तुति मानव कॉल के नाटक ‘चुहल’ का मंचन हुआ।इसके माध्यम से कलाकारों ने पारिवारिक जीवन की जटिलताओं पर कटाक्ष किया।
शुभम मंडप में आयोजित महोत्सव में यह नाटक राहुल शर्मा के निर्देशन में कथाकार मंडली दिल्ली के कलाकारों की ओर से मंचित हुआ। इसमें एक परिवार की जीवनशैली और आपसी संबंधों को दर्शाया गया है। नाटक का केंद्र बिंदु परिवार के सदस्यों के बीच मजेदार और चुलबुले संवाद रहे। उन्होंने हास्य और हल्के-फुल्के ड्रामे के माध्यम से जीवन की जटिलताओं को उजागर किया।
पात्रों के बीच संवादों में चुहल, हास्य का पुट विभिन्न भावनात्मक सरोकारों पर व्यंग्य कसता नज़र आया। यह कटाक्ष दर्शकों को जीवन साथी के रिश्तों पर हंसाते हुए सोचने पर मजबूर कर गया। कलाकार आरती- रानी सोनकर, सुधीर-रुद्र प्रताप सिंह, पिता- राजीव मैनी, जिम्मी– राहुल, वेटर– प्रियांक, चपरासी वन– प्रियंका, चपरासी टू– रोहित जैन, समाज का प्रतिबिम्ब- पिंकी पाठक, नौकर- दीपक सोनकर आदि ने अभिनय किया।