अधिकारियों की कुंभकरणी नींद से नकली रोडवेज संचालकों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए है कि इन्होंने बसों को भी सरकारी रंग में रंगवाना शुरू कर दिया है। अभी तक लाल रंग में दौड़ रही इन बसों को योगी सरकार में निर्धारित किया गया सफेद और केसरिया रंग में रंगना शुरू कर दिया है। ये बसे भी देखने में हूबहू रोडवेज की असली बसों की मानिंद ही दिखाई देती है। सरकारी बसों के भ्रम में फंसकर यात्री नकली रोडवेज बसों में बैठ जाता है। बृहस्पतिवार को भी परिवहन विभाग और पुलिस ने इन नकली बसों के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया। ये बसे बेखौफ होकर शहर में फर्राटा भरती रही।
रोडवेज बसों का रंग भी सत्ताधारी पार्टी के झंडे के साथ बदलता रहता है। बसपा राज में बसों का रंग सफेद के साथ नीला कर दिया गया था। वहीं सपा सरकार के समय नीला रंग बदलकर लाल कर दिया था। लेकिन अब योगी सरकार में इन बसों का रंग सफेद के साथ केसरिया किया जा रहा है। यात्रियों को भ्रमित करने के लिए डग्गामार भी रोडवेज के साथ कदमताल करते रहते हैं। इन्होंने जहां अपनी नकली रोडवेज बसों पर पहले लाल रंग करा लिया था वहीं अब केसरिया रंग भी कराने लगे हैं। हालांकि अभी लाल बसों की संख्या ज्यादा है। लेकिन अधिकारियों के संरक्षण में जो नई बसें सड़क पर लाई जा रही है उन बसों पर सफेद और केसरिया रंग करा रखा है।
अधिकारी सोए, नहीं चल रहा अभियान
बृहस्पतिवार को भी आरटीओ प्रवर्तन टीमों ने नकली रोडवेज पर हाथ नहीं डाला। न ही पुलिस कर्मियों ने इन्हें पकड़ने की जहमत उठाई। इससे साबित हो रहा है कि डग्गामारों को किन लोगों का संरक्षण प्राप्त है। बृहस्पतिवार को भी ये बसे बेखौफ फर्राटा भरती रही। भैसाली बस अड्डे के सामने से सवारी उठाती रही और उतारती रही। मीडिया कर्मियों के कैमरे में तो डग्गामार बसे कैद हो रही है लेकिन अधिकारियों को ये दिखाई नहीं दे रही है।