बीटेक करने के बाद निवेश ने कई कॉलेजों में टीचिंग दी। लेकिन धुन सरकारी नौकरी पाने की थी। इसके लिए हिमाचल प्रदेश सिविल इंजीनियर की लिखित परीक्षा पास भी कर ली थी। 28 अक्तूबर को इंटरव्यू होना था। सभी मानकर चल रहे थे कि निवेश का ख्वाब पूरा हो जाएगा। विडंबना यह रही कि इससे पहले ही मौत से साक्षात्कार हो गया। सोमवार देर रात धनोल्टी घूमने निकला निवेश अपने दोस्त करण के साथ इस दुनिया को ही अलविदा कह गया।
सरस्वती लोक कॉलोनी निवासी निवेश वार्ष्णेय परतापुर स्थित डीएन पॉलीटेक्निक में प्रोफेसर मनोज वार्ष्णेय और राजकीय कन्या महाविद्यालय खरखौदा में प्रोफेसर गीता गुप्ता का बड़ा बेटा था। 2013 में बीआईटी कॉलेज से बीटेक पास निवेश उत्तराखंड और राजस्थान में कोचिंग देने के बाद शोभित यूनिवर्सिटी में जॉब कर रहा था। सरकारी सिविल इंजीनियरिंग सेक्टर में जाने के इच्छुक निवेश ने हिमाचल प्रदेश सर्विस कमीशन द्वारा निकाली गई सिविल इंजीनियर पोस्ट के लिए बीती तीन जुलाई को ही परीक्षा पास कर ली थी। 15 दिन पूर्व ही उसका रिजल्ट आया था। अब 28 अक्तूबर को इंटरव्यू के लिए निवेश पूरी मेहनत कर रहा था। परिजनों को उम्मीद थी कि निवेश इंटरव्यू भी क्लीयर कर लेगा। लेकिन होनी को तो कुछ ओर ही मंजूर था।
मैं करूंगा सपना पूरा
निवेश की मौत से टूट चुके माता-पिता को छोटा बेटा अर्पित संभाल रहा है। बेटे के गम में दुखी अपने मम्मी-पापा को दिलासा देते हुए अर्पित ने कहा कि पापा अब वह भइया का सपना पूरा करेगा। पिता के अनुसार अर्पित सुभारती यूनिवर्सिटी से बीएससी कर रहा है।
परिजनों को ढांढस बंधाया
सरस्वती लोक कॉलोनी निवासी सेनेटरी व्यवसायी डीएस वालिया के बेटे करण की भी निवेश के साथ कार हादसे में मौत हो गई थी। बुधवार को दोनों परिवारों को ढांढस बंधाने के लिए डीएन पॉलीटेक्निक के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र आर्य,, निधि शर्मा, अंशुल अग्रवाल, अजय शुक्ला के अलावा मुजफ्फरनगर पॉलीटेक्निक के सतीश कुमार, कुलदीप शर्मा, मनोज कुमार, व्यापारी नेता नवीन गुप्ता, प्रदीप बंसल (बब्बू), शशांक गुप्ता, प्रमोद गोयल, एसपी सिंह, नीरज अग्रवाल, हरिभूषण, विपिन अग्रवाल, ओमेंद्र पाल, पंकज ढींगरा, अंकित संगल, मनोज कुमार आदि पहुंचे। वहीं, इस हादसे में घायल मयंक मक्कड़ की आनंद अस्पताल में हुई जबड़े की सर्जरी सफल रही।