समाजवादी पार्टी मेें बड़े स्तर की गुटबंदी से स्थानीय नेता भी लगातार प्रभावित हो रहे हैं। इसी गुटबाजी के कारण पहले मेरठ जिले में तीन टिकट बदले गए और अब स्थानीय संगठनों में भी फेरबदल शुरू हो गया है। खास बात यह है कि सीएम के खास माने जाने वाले अतुल प्रधान का पहले सरधना से टिकट काटा गया और अब उनके समर्थकों की जगह शिवपाल यादव के करीबी पिंटू राणा के समर्थकों को पद दिए गए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दूसरी विधानसभाओं और जिला संगठन में भी कई लोगों को बदला जा सकता है।
सपा में शिवपाल यादव ने प्रदेश अध्यक्ष बनते ही सरधना, मेरठ कैंट और शहर से टिकट बदल दिया था। बदले में अपने खास लोगों को टिकट दिया। सरधना विधानसभा क्षेत्र में सीएम अखिलेश के करीबी अतुल प्रधान का टिकट कटना सबसे ज्यादा चौंकाने वाला रहा। नए प्रत्याशी मैनपाल सिंह उर्फ पिंटू राणा को शिवपाल का करीबी माना जाता है। इसके बाद अतुल और पिंटू खेमे में गुटबाजी तेज हो गई। एक-दूसरे पर पोस्टर फाड़ने तक के आरोप लग चुके हैं। एक तरफ पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी पिंटू प्रचार कर रहे हैं तो अतुल समर्थक कह रहे हैं कि सीएम के कारण टिकट उन्हें ही मिलेगा। इसी उठापटक में अब पिंटू ने नया दांव चला है। पिंटू ने सरधना विधानसभा क्षेत्र से अतुल समर्थक नेताओं को संगठन से बाहर करवा दिया। पिंटू ने बताया कि सरधना विधानसभा अध्यक्ष सैयद मुमताज अली समेत चार नगर अध्यक्षों को बदला गया है। गांव मंडोरा निवासी अभिषेक गुर्जर को सरधना विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष और मोहल्ला भूलरिया निवासी शाहरुख कुरैशी को सरधना नगर अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। साथ ही दौराला में नवाब अहलावत, लावड़ में कारी उस्मान और फलावदा में दाऊद अहमद को नगर अध्यक्ष बनाया गया। दरअसल, जातिगत समीकरणों के हिसाब से अब नए पदाधिकारी बनाए गए हैं। खास बात यह है कि नए पदाधिकारियों के मनोनयन पत्र खुद पिंटू राणा लेकर सरधना पहुंचे। अभी तक अतुल प्रधान और उनके समर्थक लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि वे सपा के विधानसभा प्रत्याशी होंगे। अतुल के खास लोगों का हटाया जाना इस खेमे के लिए जरूर चिंता भरा हो सकता है। वहीं, शिवपाल से नजदीकी के कारण टिकट लेने वाले पिंटू अपने समर्थकों को संदेश देने की कोशिश में लगे हैं।
बैठक कर बनाई रणनीति
सरधना। मंडी समिति के गेस्ट हाउस में रविवार को सपा प्रत्याशी पिंटू राणा ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। पिंटू ने इस दौरान संगठन में हुए परिवर्तन की जानकारी दी। बैठक में चुनाव की तैयारियों पर चर्चा करते हुए आगे की रणनीति पर विमर्श किया गया। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य ठाकुर लाखन सिंह, मंजूर मलिक, अनिल गुप्ता आदि मौजूद रहे। वहीं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सैय्यद मुमताज अली ने कहा कि उन्हें विधानसभा अध्यक्ष पद से हटाए जाने की जानकारी नहीं है।