फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दोस्त की हत्या के बाद गुड्डू ने खाई थी कसम

Mon, 14 Nov 2016 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हिस्ट्रीशीटर उम्मेद की हत्या के बाद एक बार फिर दोनों गुटों में गैंगवार छिड़ने की आशंका बन गई है। हिस्ट्रीशीटर ने जहां अपने साले की जमीन कब्जाने के लिए बीस माह पहले हत्या की थी तो उसी दिन हिस्ट्रीशीटर की भी मौत की पटकथा लिखी जा चुकी थी। हिस्ट्रीशीटर की हत्या का एलान करने वाला कोई और नहीं बल्कि उसके साले का दोस्त गुड्डू था। पुलिस के अनुसार रविवार को गुड्डू ने दोस्त की हत्या का बदला ऐसा लिया कि शव देखने वालों की भी रूह कांप गई।
विज्ञापन

सीओ कोतवाली रणविजय सिंह के मुताबिक हिस्ट्रीशीटर उम्मेद ने अपना पूरा गैंग बना रखा था। अपने गांव कायस्थ बड्ढा से आकर समर गार्डन के पास एवन कॉलोनी में रहने लगा। इसी कॉलोनी में उम्मेद का साला अलियन भी परिवार के साथ रहता था। उम्मेद ने गैंग में आधा दर्जन से ज्यादा बदमाशों को जोड़ लिया था और अवैध हथियारों और दबंगई के बल पर एवन कालोनी में कई प्लॉट और जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया था। उम्मेद की अपने साले अलियन की प्रॉपर्टी पर भी नजर थी। लेकिन अलियन ने प्लॉट देने से मना किया तो उम्मेद ने उसकी बीस माह पहले गोली मारकर हत्या कर दी थी।
सीओ के अनुसार यह बात अलियन के दोस्त गुड्डू को अखर गई। अपने गहरे दोस्त अलियन का शव उठते ही गुड्डू ने एलान करते हुए कसम खाई थी कि जब भी उम्मेद उसके हत्थे चढ़ जाएगा, उस दिन उसका वो हाल कर दूंगा कि शव पहचाने वाला भी नहीं मिलेगा। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर उम्मेद को साले की हत्या में जेल भेजा था। करीब पांच माह पूर्व ही उम्मेद जेल से छूटा था तो वह गुड्डू की हत्या की फिराक में लग गया।
विज्ञापन

खरखौदा क्षेत्र में पिछले दिनों दोनों गुटों में 20-25 राउंड फायरिंग भी हुई थी। जिसके बाद गुड्डू ने उम्मेद के खिलाफ खरखौदा थाने में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन पुलिस ने अनदेखी करते हुए कोई कार्रवाई नहीं की। एक तरफ उम्मेद अवैध पिस्टल लेकर अपने गैंग के साथ चलता था तो गुड्डू भी अपने साथियों के साथ अवैध असलाह लेकर चलता था।

चुनौती बनी गिरफ्तारी
सीओ कोतवाली के अनुसार गुड्डू और उसके साथियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। वहीं, मृतक उम्मेद के साथी और उसकी हत्या के चश्मदीद आसिफ और नादिया भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। नादिया हिस्ट्रीशीटर उम्मेद का चचेरा भाई है। पूरे मामले में गुड्डू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम समेत तीन टीमें लगाई गई हैं।

कार छोड़कर नहीं भागता तो गुड्डू भी मारा जाता  
रविवार शाम करीब पौने चार बजे का वक्त, समर गार्डन साठ फुटा रोड मस्जिद के पास कुछ दुकान और घरों के बाहर भीड़भाड़ लगी थी। कुछ दूरी पर हुमायूं नगर से सटी एवन कालोनी का निवासी हिस्ट्रीशीटर उम्मेद पल्सर बाइक से अपने साथी सलमान के साथ पहुंचा। बाइक रोककर दूसरी बाइक पर आए साथियों आसिफ और नादिया से कुछ कहा। उसी समय पीछे से होंडा सिटी कार आयी। उसमें से उतरे लोगों ने उम्मेद को सड़क पर गिराकर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
इससे पहले जब कार सवार लोगों ने उम्मेद को साइड मारकर बाइक से गिराया तो उसने हड़बड़ाकर भागने की कोशिश की। लेकिन हमलावरों ने उसे उठने तक का मौका नहीं दिया। पिस्टल और तमंचे से उम्मेद पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इसके बावजूद उम्मेद ने भी पिस्टल से गोलियां चलाईं तो हमलावर थोड़ा पीछे हटे। इस दौरान एक गोली मुख्य हत्यारोपी गुड्डू की जांघ में लगी। उम्मेद का साथी सलमान एक गोली लगने के बाद खाली प्लॉट की तरफ भागने लगा। हमलावरों ने उस पर भी गोलियां चलाई तो दो गोलियां लगने पर वह थोड़ी दूर जाकर गिर पड़ा। जबकि आसिफ और नादिया भी गोलियां चलाते हुए एक घर और दुकान में जा घुसे।
मृत शरीर में दागी गोलियां
सलमान को सिर, सीने और पैर में गोलियां लगीं। उसे खून से लथपथ देख मृत समझकर हमलावर पलटे तो कुछ दूर ही उम्मेद गोलियां से छलनी पड़ा था। उसके बावजूद हमलावरों ने उसके मृत शरीर में फिर से कई गोलियां उतार दीं। मौत की तसल्ली होने पर ही वे वहां से भागने लगे तो इस दौरान भीड़ ने उनकी कार घेर ली। तोड़फोड़ कर उसमें आग लगाने की कोशिश कर दी। यह देख हमलावर हवाई फायरिंग करते हुए गुड्डू को किसी तरह वहां से उठाकर ले गए। जिसे मुस्कान हॉस्पिटल में भर्ती कराया। मृतक पक्ष गुड्डू को बुलंदशहर का बता रहा है, जबकि सीओ कोतवाली कायस्थबड्ढा का बता रहे हैं।

उम्मेद की क्राइम हिस्ट्री
पुलिस के अनुसार उम्मेद पर हत्या, बलवा, जानलेवा हमला और धोखाधड़ी के एक दर्जन से ज्यादा केस किठौर थाने में दर्ज थे। किठौर थाने पर उसकी हिस्ट्रीशीट (35 ए) खुली है। खरखौदा और लिसाड़ी गेट थाने में भी केस थे। उस पर दबंगई से जमीन और प्लॉट कब्जाने के आरोप थे। उम्मेद के शरीर का ऐसा कोई हिस्सा नहीं बचा था, जहां उसे गोली न लगी हो। सीओ कोतवाली ने करीब 10 गोलियां लगनी बताई हैं। पुलिस को मौके से एक 315 बोर और आठ .32 बोर के खोखे मिले। घायल सलमान की जेब से भी 315 के दो कारतूस मिले। उसकी आईसीयू में गंभीर हालत बनी थी।

तीन शादियां, 10 बच्चे
उम्मेद की हत्या का पता चलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। परिजन रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। खून से लथपथ शव को पहचानना भी परिजनों के लिए मुश्किल हो रहा था। पुलिस के अनुसार उम्मेद ने तीन शादियां कर रखी थीं। उम्मेद के दस बच्चे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें