इस मेले में 170 से अधिक स्टॉल लगे, और लगभग 26 से 28 हजार किसानों व कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। किसानों ने लगभग 40 लाख के बीज खरीदे, जिसमें अकेले कृषि विश्वविद्यालय ने 20 लाख का कारोबार किया।
कुलपति डॉ. केके सिंह ने कहा कि स्टॉलों के माध्यम से किसानों को नवीन तकनीकी ज्ञान प्राप्त हुआ। उन्होंने कृषि के आधुनिकीकरण और अधिक उत्पादन पर जोर दिया।
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मुख्य अतिथि कैप्टन विकास गुप्ता ने बदलती जलवायु के चलते कृषि उत्पादन में कमी पर चिंता जताई और वैज्ञानिक तकनीकों के महत्व को बताया। सेठपाल सिंह ने प्राकृतिक खेती की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत भूषण त्यागी ने किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने की आवश्यकता बताई, जिससे उनकी आय बढ़ सके।
ओवर ऑल सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मैसर्स शिवांगी इंटरनेशनल, मैनकाइंड एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड और क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन को दिया गया। बैंक समूह में प्रथम पुरस्कार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को मिला। विश्वविद्यालय के तकनीकी महाविद्यालय को भी प्रथम पुरस्कार मिला। कृषि विज्ञान केंद्रों में हापुड़ और अमरोहा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और संभल ने द्वितीय स्थान हासिल किया।