सोमवार को बंद मेरठ का सराफा बाजार।
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सोने और हीरे पर लगी एक्साइज ड्यूटी ने सराफा व्यापारियों की एकजुटता को तोड़ दिया है। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एक्शन कमेटी ने तीन दिन बाजार बंद करने को कहा था, लेकिन मेरठ में केवल एक दिन ही हड़ताल रही। मंगलवार से मेरठ के सराफा व्यापारी अपने प्रतिष्ठान खोलेंगे। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एक्शन कमेटी के चेयरमैन फतेहचंद्र रांका ने शनिवार को बैठक कर 25 से 27 अप्रैल तक देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन ने सोमवार को बाजार बंद करने का एलान किया था।
मेरठ संघर्ष समिति ने भी सोमवार की बंदी पर सहमति जताई थी। समिति का तर्क था कि उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के निर्देशानुसार मंगलवार और बुधवार की बंदी पर फैसला होगा। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि प्रकार अग्रवाल ने बताया कि एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश चंद जैन से फोन पर वार्ता हुई है। उन्होंने सोमवार को ही बंदी का आह्वान किया था। मंगलवार से सभी सराफा व्यापारी प्रतिष्ठान खोलेेंगे।
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री सर्वेश सराफ ने कहा कि प्रदेश संघ के आदेश का पालन किया जाएगा। सोना चांदी व्यापार संघ अध्यक्ष संत कुमार का कहना है कि सराफा व्यापारियों की सहमति के अनुसार ही बाजार खुलेगा। सदर सराफा व्यापार संघ के अध्यक्ष राजकुमार भारद्वाज ने कहा कि मंगलवार को दुकानें खोली जाएंगी।
नील गली भी खुलेगी
मेरठ की सराफा मंडी में नील गली का अपना स्थान है। यहां थोक का सराफा कारोबार होता है। यहां मेरठ समेत कई राज्यों से ग्राहक खरीदारी करने आते हैं। सराफा व्यापार एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश रस्तोगी ने कहा कि मंगलवार से नील गली समेत अन्य सराफा व्यापारी अपने प्रतिष्ठान खोलेंगे।
साप्ताहिक बंदी के दिन हड़ताल
रविवार को मेरठ संघर्ष समिति के बैनर तले मंदिर महादेव में बैठक हुई थी, जिसमें सोमवार को सराफा बाजार बंद करने का आह्वान किया था। मेरठ में सोमवार को ज्यादातर मुख्य बाजारों में साप्ताहिक अवकाश होता है। ऐसे में सभी प्रतिष्ठान बंद रहते हैं। साप्ताहिक अवकाश के कारण हड़ताल पूरी तरह सफल रही।