मेरठ मेट्रो की ड्राफ्ट डीपीआर की समीक्षा के लिए लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन एमडी कुमार केशव ने यहां आने के लिए समय दे दिया है। उन्होेंने एमडीए के चीफ इंजीनियर एससी मिश्रा को कॉल कर बताया कि वे मई केपहले सप्ताह में मेरठ का दौरा करेंगे। इस बाबत तारीख दो दिन में तय कर बता देंगे।
दौरे के बाद मेट्रो की डीपीआर फाइनल होगी और इस प्रोजेक्ट पर जल्दी काम शुरू होगा। फिलहाल स्थानीय स्तर पर भी इस बाबत बैठक नहीं हो पा रही थी। मेरठ में प्रस्तावित मेट्रो ट्रेन की ड्राफ्ट डीपीआर बने तीन माह हो चुके हैं। फाइनल डीपीआर बनने से पहले लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन के एमडी कुमार केशव को यहां आकर उसका सत्यापन करना है। दरअसल वह जब तक तकनीकी, भौगौलिक, आर्थिक रूप से इस डीपीआर का विश्लेषण नहीं करेेंगे, फाइनल डीपीआर नहीं बनेगी।
मेरठ के हिस्से में नहीं आया कुछ
इस बाबत मेरठ के अधिकारी कई बार एमडी से संपर्क कर चुके हैं, पर वह नहीं आ रहे थे। बताया यह जा रहा है कि उप्र सरकार ने जैसे ही बजट में मेरठ की उपेक्षा की, वैसे ही अधिकारियों ने भी इससे मुंह मोड़ लिया। दरअसल बजट में कानपुर और वाराणसी को पचास पचास करोड़ रुपया जारी कर दिया जबकि मेरठ के हिस्से में कुछ नहीं आया।
कई बार कर चुके हैं बात
एमडीए के चीफ इंजीनियर एससी मिश्रा ने इस बाबत आला अधिकारियों से बात की थी। उन्होंने यहां केनोडल अधिकारी विवेक भास्कर से भी पत्र लिखवाया और कहा कि काम अभी अटका पड़ा है। ऐसे में जल्दी से दौरा करें ताकि इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा सके। सोमवार को एमडी एलएमआरसी कुमार केशव ने कॉल कर चीफ इंजीनियर को बताया कि वह अपनी टीम के साथ मई केप्रथम सप्ताह में आएंगे। ऐसे में चीफ इंजीनियर ने कहा कि कोई दो तारीख सुझाई जाएं ताकि एक को फाइनल किया जा सके। बताया गया कि दो सप्ताह में इसे फाइनल कर बता दिया जाएगा।
हम फोन पर भी और पत्र व्यवहार के माध्यम से भी लगातार इस बाबत प्रयास कर रहे थे कि एलएमआरसी की टीम दौरा करे। अब एमडी कुमार केशव ने इस बाबत बताया है कि वे मई केपहले सप्ताह में आ रहे हैं। दौरा होगा तो जल्द से जल्द फाइनल डीपीआर बन जाएगी।
एससी मिश्रा, चीफ इंजीनियर एमडीए