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सराफा बाजार बंद, 15 करोड़ का फटका 

Sat, 20 May 2017 02:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 मथुरा में हुई दो सराफा कारोबारियों की हत्या और लूटपाट के विरोध में शुक्रवार को मेरठ के सराफा बाजार भी बंद रहे। यूपी सर्राफा एसोसिएशन के आह्वान पर शहर के साथ जनपद के सभी कस्बों में कारोबारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे। उन्होंने अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे। बंद से करीब 15 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। 
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मेरठ का सराफा कारोबार एशिया की प्रमुख सराफा मंडी के नाम विख्यात है। शुक्रवार को मेरठ महानगर में शहर सर्राफा, सदर सर्राफा, आबूलेन, नील की गली, सेंट्रल मार्केट आदि तमाम बाजारों में दुकानें बंद रहीं। शहर सराफा में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल और महामंत्री सर्वेश सर्राफ समेत अन्य सर्राफा व्यापार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बंद की अपील की थी। जिसके चलते बंद पूरी तरह सफल रहा। सर्राफा व्यापारियों ने मथुरा कांड के खुलासे, बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शहर सराफा में चौक में व्यापारियों ने प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने मेरठ समेत पूरे प्रदेश में व्यापारियों, कारोबारियों से सुरक्षा दिलाई जाए। कानून व्यवस्था मजबूत हो। बदमाशों में पुलिस कानून का खौफ पैदा करें। 

ये एसोसिएशन रहीं बंद में शामिल 
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स के साथ ही सदर सर्राफा, शहर सर्राफा, सदर सर्राफा रजिस्टर्ड, सोना चांदी एसोसिएशन, नील गली सर्राफा व्यापार संघ, कागजी बाजार सर्राफा एसोसिएशन बंद में शामिल रहीं। इनमें विपिन अग्रवाल, विजय आनंद अग्रवाल, राजकुमार भारद्वाज, रणजीत जैन, राजकिशोर रस्तोगी, दीपक जौहरी, संत कुमार वर्मा, ऋषि जौहरी, केशव वालिया, दिनेश रस्तोगी, लोकेश अग्रवाल, गुलशन पाहवा, मनोज गर्ग, अशोक रस्तोगी, संदीप अग्रवाल, शेखर अग्रवाल, पीयूष सर्राफ शामिल रहे। 
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15 करोड़ से ज्यादा का नुकसान 
मेरठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ज्वैलरी का बड़ा हब है। यहां पर सोना चांदी और हीरे की ज्वैलरी तैयार करने के साथ ही फुटकर और थोक का भी व्यापार होता है। मेरठ से एनसीआर में ही नहीं दूसरे राज्यों से भी सराफा कारोबारी यहां से थोक में ज्वैलरी खरीदने आते हैं। एक दिन की बंदी के कारण करीब 15 करोड़ से ज्यादा का सर्राफा कारोबार को नुकसान हुआ है। 

परीक्षितगढ़, मवाना, सरधना में भी दुकानें बंद
महानगर के साथ बंदी में जनपद के कस्बों के सराफा कारोबारियों ने भी साथ दिया। परीक्षितगढ़, मवाना, सरधना आदि के सर्राफा कारोबारियों ने भी शुक्रवार को अपने प्रतिष्ठान बंद करके अपने अपने क्षेत्र के थानाध्यक्षों के माध्यम से मथुरा कांड के अपराधियों की गिरफ्तारी और सर्राफा कारोबारियों की सुरक्षा की मांग की।
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