व्यापारी हितों की सुरक्षा के लिए बनाया गया संयुक्त व्यापार संघ अब अपनी धार पूरी तरह खो चुका है। संघ का नारा ‘कौम पार्टी कोई भी हो, पहले हम व्यापारी हैं’ भी कहीं अब खोता नजर आ रहा है। इसका कारण भी साफ है। संयुक्त व्यापार संघ के 16 में से 13 पदाधिकारी भाजपाई हैं, जो बढ़ते अपराधों के खिलाफ अब बोलने से कतराते नजर आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने 19 मार्च को शपथ ली थी। उसके बाद से अब तक लगातार शहर और देहात में आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। इसमें मुख्य निशाने पर व्यापारी ही हैं। तीन सराफा कारोबारियों के साथ बड़ी लूट हो चुकी है तो अन्य व्यापारी भी लूट के शिकार हुए हैं। इन घटनाओं में मई माह के दौरान ज्यादा बढ़ोत्तरी हुई है। सपा शासनकाल में एक भी घटना पर मुर्दाबाद और जिंदाबाद के नारे लगाते हुए सड़कों से एसएसपी और डीएम कार्यालय पहुंचने वाले संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारी अब पूरी तरह गायब नजर आ रहे हैं।
पिछले दिनों हुई तीन बड़ी घटनाओं पर अगर नजर डालें तो संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, मंत्री गौरव शर्मा और मनीष शर्मा के अलावा कोई भी पदाधिकारी घटनाओं का विरोध दर्ज कराता नजर नहीं आया। इन तीनों वर्तमान पदाधिकारियोें के साथ पूर्व पदाधिकारी लल्लू मक्कड़, विपुल सिंघल, सतीश जैन आदि तो नजर आए, लेकिन बाकी सभी नदारद रहे।
भाजपाई हो गये व्यापारी नेता
संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री अरुण वशिष्ठ भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष हैं। उपाध्यक्ष कमल ठाकुर, दलजीत सिंह और नीरज मित्तल भाजपा के क्रियाशील नेता हैं। कोषाध्यक्ष पवन मित्तल भाजपा के महानगर उपाध्यक्ष हैं। जबकि संगठन मंत्री आशु रस्तोगी भाजपा के पार्षद हैं। इनके अलावा मंत्री विजय आनंद अग्रवाल, राजीव गुप्ता काले, संदीप रेवड़ी, अमन गुप्ता, तिलक नारंग, उमेश अग्रवाल शारदा, तरुण गोयल भी भाजपा के क्रियाशील सदस्य हैं। इनमें तीन तो भाजपा से नगर निगम के निर्वाचित पार्षद भी हैं। सपा शासन काल में ये सभी एकजुट होकर व्यापारी हितों के लिए लगातार सक्रिय नजर आते थे। लेकिन प्रदेश में भाजपा सरकार बनते ही सभी भाजपा संगठन में ही क्रियाशील नजर आ रहे हैं।
व्यापार संघ अराजनीतिक संगठन है। हम उसका लगातार पालन करते आ रहे हैं। व्यापारी हित से ऊपर हमारे लिए कुछ नहीं है। इसलिए सरकार किसी की भी रही हो, मैंने हमेशा व्यापारियों का साथ दिया है। अब ये मजबूरी है कि संघ के 16 में से मात्रा दो सदस्य गौरव शर्मा और मनीष शर्मा मेरे साथ है। लेकिन इनके साथ भी मैं लड़ाई लड़ता रहूंगा। नवीन गुप्ता, अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ
ऐसा नहीं है कि हम व्यापारियों के साथ नहीं है। तीन सराफा कारोबारियों के साथ घटना हुई। मैं सबके पास गया और उनसे मिला। लेकिन सरकार बने अभी कुछ दिन ही हुए हैं, ऐसे में एक दम जिंदाबाद मुर्दाबाद के नारे लगाना ठीक नहीं है। यह बात सही है कि हम इन दिनों कम सक्रिय नजर आये हैं। लेकिन व्यापारियों ने जो जिम्मेदारी हमें दी है, हम उस पर पूरी तरह खरा उतरेेंगे। अरुण वशिष्ठ, महामंत्री संयुक्त व्यापार संघ