माधव कुंज में संघ की समन्वय बैठक में संघ नेताओं ने सहारनपुर और मेरठ की घटनाओं पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बदली हुई व्यवस्था के बीच कु छ लोगों ने सामाजिक सद्भाव को भंग करने की कोशिश की है।
बैठक में प्रांत कार्यवाह फूल सिंह, क्षेत्र कार्यवाह मनवीर सिंह, प्रांत संघचालक सूर्यप्रकाश टांक ने समन्वय बैठक ली। इन्होंने कहा कि 1930 के दशक में भी सहारनपुर में सवर्णों और दलितों के बीच सामाजिक सद्भाव को भंग करने की कोशिश की गई थी। संघ और भाजपा मिलकर गांव-गांव में सामाजिक सद्भाव की स्थिति बनाने का काम करेगी संवादहीनता खत्म होनी चाहिए। आपस में भाईचारा बढ़ाने के लिए गांव स्तर पर कार्यवाही की जाए। केंद्र और प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने कहा अब हर जिले में 11 मंत्री प्रभारी हो गए हैं । कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच वह तालमेल बनाकर काम करेंगे।
समन्वय बैठक में अगले साल 25 फरवरी को मेरठ में देश का सबसे बड़ा स्वयंसेवक सम्मेलन आयोजित करने पर भी विचार विमर्श हुआ। बैठक में प्रांत सह संचालक प्रेमचंद, सह कार्यवाह योगेंद्र सिंह, शिवकुमार, प्रांत प्रचार प्रमुख अजय मित्तल, क्षेत्र प्रचारक आलोक , प्रांत प्रचारक धनीराम, केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, डॉ. संजीव बालियान, प्रदेश सरकार के मंत्री चेतन चौहान, अतुल गर्ग, सुरेश राणा, धर्म सिंह सैनी, बलदेव सिंह ओलख सहित 24 जिलों के संघ पदाधिकारी और 7 विभागों के पदाधिकारी शामिल हुए।
योगी दौरे पर भी दागे सवाल
संघ नेताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे में हुई गड़बड़ी और उसे लेकर हो रही आलोचना पर भी नाराजगी जताई। नेताओं ने कहा कि इतने बड़े और सक्रिय संगठन के बावजूद शेरगढ़ी की घटना कैसे हुई। क्यों नहीं भाजपा के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी इसे भांप पाए। संघ नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर संगठन के साथ ही जनप्रतिनिधियों के भीतर जो गंभीरता होनी चाहिए थी, वह नजर नहीं आई।