कुशावली गांव में बृहस्पतिवार सुबह स्कूल जा रही दो मासूम बहनों में से एक की खेल खेल में मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल दूसरी बहन को लोगों ने अस्पताल में भर्ती कराया। छात्रा की मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने बिना पुलिस कार्रवाई के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। थाना पुलिस ने मामले की जानकारी से इंकार किया हैं।
सरधना क्षेत्र के कुशावली गांव निवासी मुन्नू कश्यप की बड़ी बेटी वंशिका (9 वर्ष) कक्षा दो व छोटी बेटी साक्षी (7 वर्ष) कक्षा एक में पढ़ती है। दोनों बेटियां बृहस्पतिवार सुबह प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने जा रही थीं। स्कूल से कुछ दूरी पर एक बुग्गी खड़ी थी। वंशिका बुग्गी के पीछे लगे कुंदे को पकड़ कर झूलने लगी। साक्षी ने ये देखा तो वह भी दूसरे कुंदे में पकड़कर झूलने लगी।
दोनों के वजन से बुग्गी पलट गई। दोनों बहनें बुग्गी के नीचे दब गई। दोनों बच्चियां काफी देर तक चीखती रहीं। वहां से निकल रहे लोगों ने चीख सुनकर बच्चियों को बाहर निकला, तब तक सात साल की साक्षी की मौत हो चुकी थी। गंभीर हालत में वंशिका को अस्पताल लेकर गए। गंभीर हालत के कारण उसको भर्ती कर लिया गया। साक्षी की मौत से घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने बिना पुलिस कार्रवाई के साक्षी का अंतिम संस्कार कर दिया। मुन्नू के चार बच्चों में सबसे बड़ी वंशिका है। उसके बाद साक्षी थी। तीसरे नंबर पर कृतिका और सबसे छोटा बेटा चेतन है।