वर्ष 2009 को सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान जाम लगा कर प्रदर्शन करने के मुकदमे में सरधना से भाजपा विधायक ठाकुर संगीत सोम शनिवार को यहां कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने एनबीडब्ल्यू का रिकॉल कराया। कोर्ट ने छह नवंबर की तारीख लगाई है।
ठाकुर संगीत सोम ने 17 फरवरी 2009 को राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में जनसभा की थी। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ सड़क अवरुद्ध कर दी थी। इसके साथ ही उनके विरुद्ध धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने का आरोप भी लगा था। इस संबंध में उनके और समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद ठाकुर संगीत सोम ने वर्ष 2009 को मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उस समय प्रदेश में बसपा की सरकार थी। यह मुकदमा अब एसीजेएम द्वितीय कोर्ट में चल रहा है। इसी मुकदमे में न्यायालय एसीजेएम-द्वितीय के समक्ष पेश नहीं हुए थे। उनके अधिवक्ता ठाकुर कुंवरपाल सिंह और अनिल जिंदल ने बताया कि 31 जुलाई 2017 को न्यायालय ने विधायक संगीत सोम की तारीख थी, मगर बुखार आने के कारण उनकी हाजिरी माफी की अर्जी दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। इस मामले में छह नवंबर को सुनवाई तय है। सुनवाई से पहले ही विधायक संगीत सोम ने गैर जमानती वारंट रिकॉल कराने के लिए अदालत में हाजिरी दी। विधायक शनिवार को भारी सुरक्षा के बीच अपने अधिवक्ताओं के साथ अदालत में पेश हुए। अदालत ने उनके वारंट रिकॉल करते हुए 40 हजार का मुचलका दाखिल करने और छह नवंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए। अब सोमवार को अदालत में केस की सुनवाई होगी।
भाजपा के सरधना विधायक ठाकुर संगीत सोम दुनिया के सात अजूबों में शामिल और प्रेम के प्रतीक ताजमहल को लेकर दिए गए अपने बयान पर आज भी अडिग हैं। शनिवार को यहां कोर्ट में पेश होने आए संगीत सोम ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने ताजमहल को लेकर कुछ भी गलत नहीं कहा है। विधायक सोम ने कहा कि उनके बयान को लेकर पूरी पार्टी उनके समर्थन में खड़ी है, उनका पार्टी स्तर से कोई विरोध नहीं किया गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा ताजमहल पर स्वच्छता कार्यक्रम चलाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पीएम नरेंद्र मोदी का महत्वाकांक्षी अभियान है। इससे यह साबित नहीं होता कि भाजपा ताजमहल को सही ठहराती है और उनके बयान का विरोध करती है। उन्होंने फिर कहा कि ताजमहल भारतीय संस्कृति के लिए एक धब्बा है। ताजमहल गुलामी का अहसास कराता है। गौरतलब है कि भाजपा विधायक संगीत सोम ने 16 अक्तूबर को दिए बयान में ताजमहल को गुलामी का प्रतीक और भारतीय संस्कृति पर धब्बा करार दिया था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि हिन्दुस्तान में हिन्दुओं का शोषण करने वाले मुगल शासकों के किसी भी स्मारक को नहीं रहने देंगे, इनको बदला जाएगा।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/