मेरठ। खाद्य पदार्थों में मिलावट लोगों को बीमार कर रही है। मिठाई हो या मसाले, सभी में खतरनाक मिलावटी पदार्थ या रंग मिले हुए निकले हैं। पिछले छह माह के दौरान खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने 402 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे, जिनमें से 194 फेल पाए गए हैं। इनमें से 46 नमूनों को रिपोर्ट में सेहत के लिए बेहद खतरनाक माना गया है।
मेरठ में रोजमर्रा इस्तेमाल में आने वाली खाने की चीजों का शुद्ध रूप में मिलना बेहद दूभर हो गया है। खाद्य पदार्थों में मिलावट कर सेहत को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मेरठ के नमूनों की लखनऊ की प्रयोगशाला से आई ताजा रिपोर्ट में मिठाइयों में मिलावटी रंग मिले हैं, जो सेहत के लिए ‘अनसेफ’ माने गए हैं। इनमें कुछ नमूने मिसब्रांड और कई नियमों के विपरीत मिले हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वेश मिश्रा ने मसालों में जहां पीले रंग का सूडान कलर मिला हुआ आया है, तो बेसन केलड्डू में मेटानिल येलो रंग। ये बेहद जहरीले रंग है, जो खाद्य पदार्थों को चमकीला रंग देने के लिए प्रयोग किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम लोगों को मिलावटी खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक भी करती है। जल्द ही अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
एफआईआर दर्ज कराई जाएगी
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जो नमूने सेहत के लिए हानिकारक पाए गए हैं, उनमें एफआईआर दर्ज कर एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा चलेगा। इसमें छह माह से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है और तीन लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
स्वास्थ्य के लिए खतरनाक
डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया ने बताया कि रंगों की मिलावट और अखाद्य पदार्थों से बनी मिठाइयां स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं। रासायनिक रंगों की मिलावट से गंभीर किस्म के रोग हो सकते हैं। किडनी को नुकसान हो सकता है। पेट संबंधी रोग हो सकते हैं।