उन्होंने एसएसपी से पूछा है कि किस आधार पर उक्त अपराधी को पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है। यदि इस प्रकार के अपराधियों को ही पुलिस का संरक्षण प्राप्त होने लगेगा तो उत्तर प्रदेश में किस प्रकार अमन एवं शांति का राज स्थापित होगा। विधायक ने कहा कि एक लाख के इनामी बदमाश को सुरक्षा प्रदान करना समझ से परे है। संगीत सोम ने मामले में जांच की मांग की है।
सांडू की फरारी में भूमिका सामने आने पर भी नहीं हटाई सुरक्षा
भूपेंद्र बाफर को आखिर कैसे सुरक्षा दी गई, यह सवाल सभी के मन में उठ रहा है। भूपेंद्र बाफर इस समय जमानत पर बाहर था। उसे पुलिस द्वारा सुरक्षा उपलब्ध कराया जाना किसी के गले नहीं उतर रहा है। ऐसे में साफ है कि इस पूरे मामले के पीछे किसी सत्ताधारी नेता का हाथ है।
यही नहीं रोहित सांडू की फरारी में भूपेंद्र बाफर की भूमिका साफ नजर आ गई थी। पुलिस ने उसकी सुरक्षा व्यवस्था नहीं हटाई। पुलिस के अनुसार, जिस समय बाफर को गिरफ्तार किया गया, तब भी सरकारी सुरक्षा कर्मी सतीश और अमित उसके साथ थे।