मेरठ/सरधना। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से आए लोगों को वापस भेजने का सिलसिला जारी है। सरधना निवासी सना को अपनी ससुराल पाकिस्तान जाने की मंजूरी नहीं मिली, लेकिन सोमवार को उसके दोनों मासूम बच्चों को पाकिस्तान में पिता बिलाल के पास भेजा गया। सना का रो-रोकर बुरा हाल है और वह गृह मंत्रालय से गुहार लगा रही है कि उसको उसके बच्चों और पति के पास भेजा जाए।
सरधना के मोहल्ला घोसियान निवासी शेरुद्दीन की बेटी सना की शादी वर्ष 2020 में पाकिस्तान के कराची में बुआ के बेटे बिलाल से हुई थी। सना ने बताया कि वह 45 दिन के वीजा पर पाकिस्तान से अपने ढाई साल के पुत्र मुस्तफा और छह महीने के पुत्री माही के साथ 18 दिन पहले सरधना मायके में शादी के एक कार्यक्रम में आई थी। कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था। जिसके बाद सरकार ने पाकिस्तान से अल्पकालीन वीजा पर भारत आए लोगों को वापस भेजने के निर्देश दिए थे। मेरठ में तीन लोग पाकिस्तान से आए हुए थे। सना और उसके दोनों बच्चों को पाकिस्तान जाना तय हुआ था। सना का वीजा भारत व उसके दोनों बच्चों का वीजा पाकिस्तान में बना था। इसके चलते सना को पाकिस्तान नहीं भेजा गया। सना का रो-रोकर बुरा हाल है और परिजन भी परेशान हैं। उसने गृह मंत्रालय से गुहार लगाई है कि उसको भी पाकिस्तान भेजा जाए।
50 साल पहले बुआ का पाकिस्तान में हुआ था निकाह
सना के भाई सुफियान ने बताया कि पाकिस्तान में बंटवारे से पहले से ही उनके रिश्तेदार रहते हैं। करीब 50 साल पहले उसके बुआ इद्दो का निकाह पाकिस्तान में हुआ था। इसके बाद उसकी बहन सना का निकाह पांच साल पहले उसके बुआ के बेटे बिलाल के साथ हुआ है। बताया कि उनके कई रिश्तेदार बंटवारे से पहले पाकिस्तान में रहते हैं।