दौराला। जिले में दो गर्भवती महिलाओं के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। गर्भवती महिलाओं के पॉजिटिव मिलने से चिकित्सक समेत स्टॉफ को भी क्वारंटीन होना पड़ा। भविष्य में इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो इसलिए स्वास्थ्य विभाग ऐसी गर्भवती महिलाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेंगे। जिनका प्रसव 10 से 14 दिन में होना है। दौराला सीएचसी प्रभारी ने सोमवार को तीन सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।
रजबन निवासी एक गर्भवती महिला के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद रजबन एवं पल्लवपुरम फेज वन की डबल स्टोरी को सील कर दिया था। हालांकि महिला ने स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। अभी मामला ठंडा नहीं हुआ था कि शनिवार को मोदीपुरम स्थित एसडीएस ग्लोबल अस्पताल में प्रसव के लिए आई आरके पुरम निवासी महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव निकली। इसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। दोनों ही मामलों में अस्पताल को सैनिटाइज किया गया। साथ ही स्टॉफ को क्वारंटीन होना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग को अब इस बात को लेकर चिंता सताने लगी है कि यदि गर्भवती महिलाओं में कोरोना पॉजिटिव के मामले बढ़े तो बड़ी समस्या उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में चिकित्सकों के साथ स्टॉफ को भी क्वारंटीन होना पड़ेगा। पहले से ही प्राइवेट चिकित्सक अपनी सेवाएं कमी के साथ दे रहे हैं। दो मामले प्रकाश में आने के बाद सीएचसी दौराला के प्रभारी डॉ. प्रशांत कुमार ने अब क्षेत्र अंर्तगत आने वाले गांव में उन गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार करने के आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं, जिनका 10 से 14 दिन में प्रसव होना है। समय से उनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा सकें और स्वास्थ्य विभाग वक्त रहते उचित कदम उठा सके। डॉ. प्रशांत कुमार का कहना है कि सोमवार को तीन गर्भवती महिलाओं के कोरोना की जांच को लेकर सैंपल लिए गए हैं। जल्द ही सूची तैयार कर अन्य महिलाओं के सैंपल भी लिए जाएंगे।