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कठुआ कांड जैसा एक और मामला, हाॅस्टल से गायब छात्रा ने रचाई शादी, बखेड़ा

Fri, 08 Jun 2018 02:55 PM IST
यूपी अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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फाइल फोटो
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चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में कठुआ कांड के आरोपी का मामला अभी निपटा नहीं कि कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि में भी ऐसा ही प्रकरण सामने आ गया है। यहां भी लापरवाही की हद इतनी रही कि यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने वाली छात्रा के रजिस्टर में हस्ताक्षर होते रहे और वह लव मैरिज करने के बाद कानपुर में प्रेमी के साथ रहती रही। विवि प्रशासन सोता रहा। बृहस्पतिवार को पिता हॉस्टल पहुंचा तो छात्रा भी पहुंच गई और बखेड़ा हो गया। दोनों के बीच तीखी तकरार हो गई। पिता ने विवि प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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कानपुर निवासी एक छात्रा कृषि विवि में बीएससी एग्रीकल्चर की प्रथम वर्ष की छात्रा है। जो विवि के सरोजनी भवन में रह रही थी। बताया गया कि छात्रा का कानपुर निवासी एक युवक से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। यह युवक छात्रा को ट्यूशन पढ़ाता था। आठ फरवरी 2018 को छात्रा हॉस्टल से गायब हो गई और 9 फरवरी को आर्य समाज मंदिर में प्रेमी के साथ शादी कर ली। वहीं, 12 फरवरी को प्रेमी युगल कोर्ट मैरिज कर कानपुर में रहने लगा। जबकि हॉस्टल में 16 फरवरी तक छात्रा की उपस्थिति रजिस्टर में लगातार लगती रही। उधर, छात्रा के परिजनों को इसका पता चला तो उन्होंने विरोध किया। लेकिन छात्रा के बालिग होने के कारण उनका विरोध काम न आ सका। 

बृहस्पतिवार को छात्रा का पिता विवि में उसका सामान लेने पहुंचा। लेकिन छात्रा पहले ही अपने वकील के साथ हॉस्टल पहुंच गई। पिता और बेटी के बीच सामान को लेकर तीखी तकरार हो गई। छात्रा के पिता ने कहा कि विवि के हॉस्टल से छात्रा गायब हो गई और उसकी उपस्थिति रजिस्टर में अंकित हो रही है। यह विवि प्रशासन की मिलीभगत है। विवि के अधिकारियों ने पिता-पुत्री को उनके प्रयोग का सामान देकर शांत कर दिया।
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पढ़ें : कठुआ कांड: मुख्य आरोपी के खिलाफ जुटाए गए साक्ष्यों से सिद्ध होगा आरोप

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विवि प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न

फाइल फोटो
यह पूरा प्रकरण विवि प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। वार्डन का कहना है कि छात्रा का गेट पास उनके पास है। लेकिन छात्रा के पिता ने जिस तरह आरोप लगाए हैं, उससे साफ है कि विवि प्रशासन की कहानी में झोल है। सवाल यह है कि यदि उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज है तो साइन किसने किए। 

उपस्थिति की बात निराधार
छात्रा की रजिस्टर में उपस्थिति अंकित होने की बात निराधार है। कुलपति और डीएसडब्लू को अवगत करा दिया है। -डा. वैशाली, वार्डन सरोजनी भवन

मामला संज्ञान में नहीं
मामला संज्ञान में नहीं है। अभी बाहर हूं। विवि पहुंचने पर उचित कार्रवाई होगी। - डॉ. अनिल सिरोही डीएसडब्लू 
 

प्रकरण गंभीर है
रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज होना बेहद गंभीर है। जांच में जो भी स्पष्ट होगा, उसके आधार पर कार्रवाई कराई जाएगी। - डॉ. गया प्रसाद, कुलपति कृषि विवि

ऐसे तो बदनाम हो जाएंगे विवि
कठुआ कांड में जम्मू एसआईटी ने सीसीएसयू के कॉलेज में बीएससी एजी करने वाले विशाल जंगोत्रा को आरोपी बनाया था। विशाल ने दावा किया था कि वो घटना के वक्त खतौली में पेपर दे रहा था। एकतरफ जहां यूनिवर्सिटी ये दावा कर रही थी कि विशाल ने ही पेपर दिए हैं वहीं, उसके द्वारा दिए गए पेपरों की कॉपियों में मिले हस्ताक्षर को फोरेंसिक लैब फर्जी बता चुकी है। ऐसा ही मामला अब कृषि विवि में सामने आया है। अगर इसी तरह से फर्जीवाड़ा होता रहा तो यहां की यूनिवर्सिटी बदनाम हो जाएंगी।

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