यह पूरा प्रकरण विवि प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। वार्डन का कहना है कि छात्रा का गेट पास उनके पास है। लेकिन छात्रा के पिता ने जिस तरह आरोप लगाए हैं, उससे साफ है कि विवि प्रशासन की कहानी में झोल है। सवाल यह है कि यदि उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज है तो साइन किसने किए।
उपस्थिति की बात निराधार
छात्रा की रजिस्टर में उपस्थिति अंकित होने की बात निराधार है। कुलपति और डीएसडब्लू को अवगत करा दिया है।
-डा. वैशाली, वार्डन सरोजनी भवन
मामला संज्ञान में नहीं
मामला संज्ञान में नहीं है। अभी बाहर हूं। विवि पहुंचने पर उचित कार्रवाई होगी।
- डॉ. अनिल सिरोही डीएसडब्लू
प्रकरण गंभीर है
रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज होना बेहद गंभीर है। जांच में जो भी स्पष्ट होगा, उसके आधार पर कार्रवाई कराई जाएगी।
- डॉ. गया प्रसाद, कुलपति कृषि विवि
ऐसे तो बदनाम हो जाएंगे विवि
कठुआ कांड में जम्मू एसआईटी ने सीसीएसयू के कॉलेज में बीएससी एजी करने वाले विशाल जंगोत्रा को आरोपी बनाया था। विशाल ने दावा किया था कि वो घटना के वक्त खतौली में पेपर दे रहा था। एकतरफ जहां यूनिवर्सिटी ये दावा कर रही थी कि विशाल ने ही पेपर दिए हैं वहीं, उसके द्वारा दिए गए पेपरों की कॉपियों में मिले हस्ताक्षर को फोरेंसिक लैब फर्जी बता चुकी है। ऐसा ही मामला अब कृषि विवि में सामने आया है। अगर इसी तरह से फर्जीवाड़ा होता रहा तो यहां की यूनिवर्सिटी बदनाम हो जाएंगी।
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