मनोज ने आरोप लगाया कि डायल 100 की गाड़ी लगभग एक घंटे तक मौके पर खड़ी रही, वह लगातार अपने पिता को अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन डायल 100 कर्मियों ने उनकी नहीं सुनी। डायल 100 की टीम उनके पिता को तुरंत अस्पताल पहुंचा देती तो शायद उनके पिता की जान बच जाती।
तीन लोग मौजूद थे डायल 100 की गाड़ी पर
देहात कोतवाली प्रभारी पवन कुमार चौधरी ने बताया कि जिस 968 डायल 100 गाड़ी के कर्मियों पर आरोप लगाया जा रहा है। उस पर तीन कर्मचारी ऋषिपाल गिरी, कांस्टेबल धर्मपाल शर्मा एवं एक चालक मौजूद था।
हत्या का मामला कराया दर्ज
मृतक किशनलाल के पुत्र मनोज ने अपने पिता की हत्या का मामला देहात कोतवाली में दर्ज कराया है। मनोज ने आरोप लगाया है कि उनके पिता जिस स्थान पर मिले थे, वहां से काफी दूर तक खून फैला हुआ है। उनके सिर में चोट लगी हुई है। आशंका है कि उन पर जानलेवा हमला किया गया, घायल होने के बाद काफी दूर तक उनके पिता दौड़े हैं। बाद में बेसुध होकर गिर पड़े हैं। मनोज ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
सहारनपुर के लिंक रोड पर 19 जनवरी की रात को नुमाइश कैंप निवासी दो छात्रों अर्पित और सन्नी की बाइक दीवार से टकरा गई। जिससे दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना पर डायल 100 की गाड़ी मौके पर पहुंची। उस समय दोनों छात्र सड़क पर पड़े तड़प रहे थे। लोग डायल 100 कर्मियों से दोनों को अस्पताल पहुंचाने की गुहार करते रहे, लेकिन कर्मियों ने यह कहते हुए अस्पताल ले जाने से इंकार कर दिया कि उनकी गाड़ी गंदी हो जाएगी, फिर वह कहां बैठेंगे। जिसके बाद काफी हंगामा मचा। डायल 100 के तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया और जांच बैठा दी गई। हालांकि उस समय उन्हें एक माह में जांच पूरी कर बर्खास्त किए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन छह माह बीतने के बावजूद अभी जांच ही चल रही है।
परिजनों के आरोपों की जांच होगी
मृतक के परिजनों ने डायल 100 के तीन कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। आरोपों की जांच की जाएगी, दोषी पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- बबलू कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सहारनपुर।
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