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सपा के बूथ सम्मेलन में जमकर बखेड़ा, कार्यकर्ता आपस में भिड़े और फिर...

Wed, 03 Oct 2018 09:47 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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सपा कार्यकर्ता आपस में भिड़े - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के मुजफ्फरनगर में सपा के बूथ सम्मेलन में उस समय बखेड़ा हो गया जब कुछ कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। सपाइयों में आपस में धक्का-मुक्की से मामला गरमा गया। इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बीच में आकर किसी तरह मामले को शांत किया। सपा के सम्मेलन में पार्टी कार्यकर्ताओं के आपस में भिड़ने से गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। सपा आलाकमान ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। सपा आलाकमान का मानना है कि गुटबाजी की वजह से पार्टी को लोकसभा चुनाव के दौरान नुकसान उठाना पड़ सकता है।  

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महावीर चौक स्थित सपा कार्यालय पर बुधवार को पार्टी हाईकमान के निर्देश पर बूथ सम्मेलन का आयोजन किया गया था। सपा के जिले के सभी वरिष्ठ कार्यकर्ता कार्यक्रम में मौजूद रहे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गौरव स्वरूप कर रहे थे और संचालन महानगर अध्यक्ष वसी अंसारी ने किया। इसी बीच विचार रखने के लिए शौकत अंसारी का नाम बुलाया गया। शौकत ने जब भाषण देना शुरू किया तो पार्टी के कुछ नेताओं का नाम बोल दिया और कुछ का छोड़ दिया। इस पर बीच में खड़े होकर नौशाद कुरैशी ने कह दिया कि नाम लेना तो सबका लो, नहीं तो किसी का मत लेना। शौकत के बोलने से पहले ही उसकी ओर से साजिद हसन बोल पड़े और कहा कि हमारी मर्जी किसी का नाम ले या न लें। अचानक दोनों तरफ से हॉट टॉक प्रारंभ हो गई। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टूट पड़े। गालीगलौज के साथ हंगामा शुरू हो गया। एक-दूसरे के बीच धक्कामुक्की प्रारंभहो गई। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने बीच में आकर दोनों पक्षों को शांत किया।

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इसके बाद आगे का कार्यक्रम चला। सम्मेलन में बूथ जीतने का लक्ष्य रखा गया। एक बूथ पर दस समाजवादी सैनिक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया। बूथ सम्मेलन में पूर्व जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी, सतेंद्र सैनी, श्यामलाल बच्ची, राहुल वर्मा, शलभ गुप्ता, राजकुमार यादव, जिया चौधरी, हाजी इकबाल अहमद, मुफ्ति जुल्फिकार, राकिब कुरैशी, राहुल गोयल, अब्दुल्ला राना, सतीश त्यागी, राशिद सिद्दीकी, गौरव जैन आदि मौजूद रहे।  

सपा में आम अनुशासनहीनता 
सपा संगठन में अनुशासनहीनता आम रही है। सत्ता में रहते हुए भी यहां जिलाध्यक्ष सतेंद्र सैनी के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने कई बार हंगामा किया। श्यामलाल बच्ची के कार्यकाल में कई बार हंगामे की स्थिति रही। पार्टी में कार्रवाई नहीं होने से अनुशासन हीनता बढ़ती है। पूर्व नगर अध्यक्ष राशिद सिद्दीकी और खालापार के एक कार्यकर्ता के बीच हंगामा हो चुका है।

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