मेरठ। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर समाजवादी पार्टी के नेता सम्राट मलिक ने चौधरी चरण सिंह पार्क स्थित उनकी प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित किया।
उन्होंने प्रतिमा पर तिलक, आरती और माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर सम्राट मलिक ने कहा कि वो किसान मसीहा थे। उन्होंने हमेशा किसान हित को सर्वोपरि रखा और ईमानदार व सादगीपूर्ण राजनीति की मिसाल पेश की। उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और किसान हितैषी सोच का प्रतीक है, जिसे आने वाली पीढ़ियां हमेशा प्रेरणा के रूप में याद रखेंगी।
चौधरी सत्येंद्र सिंह तोमर ने साझा किए स्मरण
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर रालोद नेता चौधरी सत्येन्द्र सिंह तोमर ने अपने दादा चौधरी सूरजमल सिंह नंबरदार के हवाले से उनसे जुड़े कई महत्वपूर्ण संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि चौधरी चरण सिंह का उनके दादा से गहरा आत्मीय और पारिवारिक संबंध था। वो जब भी बागपत के छपरौली विधानसभा में आते थे, तो गांवों की चौपालों पर सीधे किसानों के बीच बैठते थे। वे कासिमपुर खेड़ी में चौधरी सूरजमल सिंह नंबरदार, किशनपुर बराल में ओमप्रकाश सरपंच, बूढ़पुर में चौधरी प्रताप सिंह एवं रणबीर सिंह चौधरी, तथा लूम्ब, तुगाना, सूप और छपरौली में सहदेव सिंह के यहां रुकते थे। यहां वे किसानों की समस्याएं सुनते और समाधान सुझाते थे। यही उनकी राजनीति की सबसे बड़ी पहचान थी।
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