सरधना। गांव सलावा में हाल ही में हुए दो पक्षों के बीच विवाद के मामले में पुलिस प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए स्थानीय नेताओं और सामाजिक संगठनों ने नाराजगी जताई है।
बीते मंगलवार की रात गांव सलावा में दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे। घायलों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया। आरोप है कि पुलिस ने केवल सोनित सोम पक्ष की तहरीर पर ही मुकदमा दर्ज किया। दूसरे पक्ष की तहरीर पर कोई कार्रवाई नहीं की। आसपा के जिला अध्यक्ष चरण सिंह का आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष विवेचना किए बिना एकतरफा कार्रवाई की। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव व धार्मिक भेदभाव से प्रेरित बताया।
आसपा के पदाधिकारियों शाहरुख, आरिफ बंटी, डॉ. ओमप्रकाश, संजीव पाल, रामकिशोर, शेर मोहम्मद, मौलाना अफज़ल, इमरान ठाकुर, जुबेर चौधरी, हकीम कलीम, जफर, सद्दाम अंसारी आदि ने सोमवार को तहसील में प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन द्वारा मुस्लिम परिवारों के घरों पर बुलडोजर चलाकर की गई कार्रवाई भी एकतरफा और दमनकारी नीति का हिस्सा है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच उच्च प्रशासनिक अधिकारी से कराई जाए। दूसरे पक्ष की तहरीर पर भी एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। जिला अध्यक्ष ने मांग की कि यदि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विरुद्ध कार्रवाई की है तो उसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। पदाधिकारियों ने एसडीएम की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार भूपेन्द्र कुमार को ज्ञापन सौंपा।
कलश यात्रा को लेकर प्रशासन मुस्तैद
गांव सलावा में मंगलवार को प्रस्तावित कलश यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद कर दिया गया है। गांव में हाल ही में हुए विवाद को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कलश यात्रा मार्ग विवाद स्थल की तरफ से गुजरने को लेकर पुलिस सतर्क है। अतिक्रमण हटाने के दौरान ध्वस्त कराए गए निर्माण की दीवार को मकान स्वामी द्वारा स्वेच्छा से हटाए जाने के बाद स्थिति नियंत्रण में रही। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि दीवार हटाने की प्रक्रिया स्वेच्छा से और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। एसडीएम उदित नारायण सेंगर का कहना है कि गांव में स्थिति को लेकर प्रशासन सतर्क है। तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।