शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए पुलिस-प्रशासन का तीन शिफ्टों में नो एंट्री का प्लान परवान चढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को नो एंट्री के वक्त शहर में भारी वाहनों का प्रवेश रोकने को पुलिस अमला जुटा रहा। जिससे शहर की सड़कें काफी हद तक खाली नजर आईं।
शहर में पीक टाइम में भी भारी वाहनों के घुसने के कारण जाम की समस्या रहती है। मामले को अमर उजाला द्वारा लगातार उठाया जा रहा है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार से शहर में तीन शिफ्टों में नो एंटी सिस्टम लागू किया था। बृहस्पतिवार को पुलिस प्रशासन इसे लेकर गंभीर हुआ और इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया। अमर उजाला टीम ने दोपहर 1:00 बजे से 3:00 बजे की शिफ्ट में बागपत और दिल्ली रोड पर इस व्यवस्था को परखा।
बागपत रोड, बाईपास
दोपहर 1.10 बजे बाईपास पर मेरठ की ओर जाने वाली रोड पर बैरियर लगाया गया था। यहां दो पुलिस कर्मी तैनात थे जो शहर के अंदर जाने वाले वाहनों को रोक रहे थे। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस के टीएसआई नदीम खान वहां पहुंचे। उन्होंने बागपत की ओर से आने वाले कई माल वाहक वाहनों को रोक लिया और वहीं खड़ा करा दिया।
बिजली बंबा बाईपास
शॉप्रिक्स मॉल चौराहे पर भी दो पुलिस कर्मी तैनात थे। ये दिल्ली रोड की ओर से आ रहे भारी वाहनों को शहर में जाने से रोक रहे थे। दो तीन ट्रक चालकों ने कहा कि उन्हें पास में ही मोहकमपुर जाना है, लेकिन उन्हें रोक दिया गया और बिजली बंबा बाईपास की ओर भेज दिया।
सिफारिश भी नहीं चली
बागपत बाईपास पर रोके गए कुछ ट्रक चालकों ने ट्रैफिक पुलिस से कहा कि सर हमें तो पास में ही सीमेंट गोदाम तक ही जाना है। वे शहर के अंदर नहीं घुसेंगे, लेकिन पुलिस ने कह दिया कि ऐसा नहीं होगा। कुछ चालकों ने फोन पर सिफारिश भी लगवाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद चालक ों ने इधर उधर ले जाकर ट्रक खडे़ किए।
15 प्वाइंट बनाए गए
इस नो एंट्री व्यवस्था में कुल 15 प्वाइंट बनाए गए हैं। इसमें तीन प्वाइंट ट्रैफिक पुलिस के हैं। बाकी सिविल के। सभी प्वाइंट्स पर पुलिस कर्मियों का ड्यूटी चार्ट बना दिया गया है। बृहस्पतिवार को ट्रैफिक और सिविल पुलिस सक्रिय नजर आई। हापुड़ रोड, गढ़ रोड की ओर से भी भारी वाहन शहर में आते नजर नहीं आए। जागृति विहार क्षेत्र में खुद ट्रैफिक पुलिस के टीएसआई डीडी दीक्षित चेेकिंग पर थे।
प्वाइंटों पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगने के कारण बृहस्पतिवार को नो एंट्री व्यवस्था बेहतर रही। धीरे-धीरे वाहन चालकों को भी नो एंट्री के समय की जानकारी हो जाएगी और वे खुद ही नो एंट्री के समय में शहर की ओर नहीं आएंगे। कुछ दिन बाद इसके बेहतर परिणाम मिलेंगे। संजीव वाजपेयी, एसपी ट्रैफिक