जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों के पकड़े जाने पर उलमा का कहना है कि देवबंद जैसे पवित्र स्थान से ऐसे लोगों का पकड़े जाना चिंता की बात है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर पूरे मामले में सच्चाई है तो दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन बेकसूरों के साथ अन्याय न किया जाए।
ऑल इंडिया दावातुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि एटीएस द्वारा देवबंद से जिन दो लोगों को पकड़ा गया और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा उनका ताल्लुक दहशतगर्द संगठन से बताया गया। इससे सभी लोग हैरत में हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र स्थान जहां अमन और मुल्क की सलामती व भाईचारे की तालीम दी जाती है वहां से ऐसे लोगों का पकड़े जाना चिंता की बात है। कारी इस्हाक ने कहा कि यदि इस पूरे मामले में सच्चाई है तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, लेकिन अगर वह बेकसूर हैं तो उन्हें फौरन रिहा किया जाना चाहिए।