मंदिर कमेटी के प्रधान हरिकिशन, अमर सिंह, अशोक, सचिन, राजा, प्रेमचंद, संदीप कर्णवाल, त्रिलोकचंद, बाबूराम, अतरसिंह, महीपाल व ओमपाल आदि ने बताया कि बाबा श्याम दास ने काफी वर्ष तक मंदिर की सेवा की। वर्ष 1993 में वह स्वर्गवासी हो गए थे। इसके बाद मंदिर में उनकी मूर्ति की स्थापना कराई गई थी। प्रत्येक वर्ष मंदिर में बड़े ही श्रद्धाभाव से उनकी बरसी मनाई जाती है।
सीओ यतेंद्र नागर ने बताया कि समाज के कुछ जिम्मेदार लोगों को नई मूर्ति लाने के लिए भेजा गया है और मामले की जांच कर आरोपी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि शाम तक इस संबंध में कोई तहरीर नहीं आई। मामले की जांच की जा रही है।
नकुड़ में मूर्ति खंडित होने के मामले में एक अफवाह भी फैली। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने पोस्ट डाल दी कि नकुड़ में संत रविदास की मूर्ति खंडित कर दी गई है, जबकि मूर्ति बाबा श्यामदास की खंडित हुई थी।
एहतियातन पुलिस तैनात
मूर्ति खंडित किए जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है। मंदिर के पास दिन भर पुलिस तैनात रही।
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