बिना अनुमति रैली निकालने, हाईवे पर जाम लगाकर नारेबाजी करने और पुलिस के साथ धक्कामुक्की किए जाने के आरोप में पुलिस ने भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर, जिलाध्यक्ष व विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष समेत 28 लोगों को नामजद किया है, जबकि 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध भी रिपोर्ट दर्ज की गई है। रिपोर्ट में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी व जामिया मिल्लिया दिल्ली के छात्र नेता का भी नाम शामिल हैं।
15 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाली हुंकार रैली के लिए तैयारी में जुटे भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद मंगलवार को देवबंद से मुजफ्फरनगर जाने के लिए यात्रा पर निकले तो पुलिस ने आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए उनका रास्ता रोक लिया। इससे कार्यकर्ता भड़क गए और उन्होंने सहारनपुर-मुजफ्फरनगर हाईवे पर हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान चंद्रशेखर की तबीयत बिगड़ गई। जिन्हें उपचार के लिए मेरठ के आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे गुस्साए लोगों ने शासन प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। इतना ही नहीं लोगों ने पुलिस के साथ जमकर गाली गलौज और धक्कामुक्की भी की थी।
वहीं, बुधवार को इस मामले में पुलिस ने भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद, जिलाध्यक्ष कमल वालिया, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष दीपक बौद्ध समेत जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की छात्रा सचेता, डॉ. मसूद, जामिया मिल्लिया दिल्ली के छात्र नेता मो. फरहान समेत प्रवीण, नीटू, मेहरदास, शिवकुमार, रविकांत, अशोक कुमार, अंकित कुमार, राहुल, दीपक, सर्वेश, रणजीत, संजीव कुमार, सोनू सिंह, विशाल, मोहित, अंगूरी, बीरमती, भूरिया, संतोष, विमला, जितेंद्र और अजय समेत 28 लोगों के विरुद्ध धारा 144 का उल्लंघन करने, नारेबाजी करते हुए हाईवे पर जाम लगाने और पुलिस के साथ धक्कामुक्की करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने के आरोप में मामला पंजीकृत किया है। इसमें करीब 150 अज्ञात लोगों को भी शामिल किया गया है।