चंद्रशेखर की मां और अन्य परिजन जिला कारागार में रावण से मिलने के बहाने भूख हड़ताल पर बैठने की कोशिश कर रहे थे जबकि उन्होंने भूख हड़ताल की अनुमति दी ही नहीं है। इसलिए जेल से बाहर मुख्य द्वार पर ही सभी को रुकवा दिया गया था। - डाक्टर वीरेश राज शर्मा, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, सहारनपुर
जेल के बाहर भूख हड़ताल करने से पदाधिकारियों को रोका
भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के नेतृत्व में प्रवीन गौतम, अजय गौतम, टिंकू कपिल समेत अनेक पदाधिकारी जेल के सामने भूख हड़ताल करने के लिए जिला कारागार पर पहुंचे। लेकिन पुलिस ने भीम आर्मी के पदाधिकारियों को सड़क पर ही रोक लिया। इस दौरान उनकी पुलिस कर्मियों से काफी नोकझोंक भी हुई। लेकिन पुलिस ने उन्हें जिला कारागार के गेट तक नहीं पहुंचने दिया और वहीं से वापस कर दिया। इससे आक्रोशित भीम आर्मी के पदाधिकारी डीएम आवास पर पहुंचे। लेकिन वहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जिसके बाद भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने ग्राम रामनगर पहुंचकर भूख हड़ताल शुरू की।
दूसरे दिन भी भूख हड़ताल पर रहा रावण
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण ने दूसरे दिन भी भूख हड़ताल की। सुबह से ही वह भूख हड़ताल पर बैठ गए। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया ने बताया कि चंद्रशेखर ने जिला कारागार में शनिवार से ही भूख हड़ताल कर दी है। रविवार को भी उन्होंने इसे जारी रखा है। हालांकि जेल प्रशासन ने उन्हें भूख हड़ताल किए जाने की अनुमति नहीं दी है। लेकिन इसकी परवाह किए बिना ही चंद्रशेखर ने दलित समाज के युवाओं को न्याय मिलने तक भूख हड़ताल किए जाने का एलान किया है।
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