नगर निगम कर्मियों ने दो महीना पहले शहर के होटल संचालकों और अन्य बड़े बकाएदारों से टैक्स वसूली के बाद बैंक में 10.5 लाख रुपये के चेक भेजे थे। अब सामने आया है कि वे चेक गुम हो गए। इससे निगम कर्मियों व अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। बकाएदारों से वसूली में मिले चेक गुम होने के पीछे साजिश का अंदेशा जताया जा रहा है।
दरअसल, टैक्स वसूली को लेकर अनियमितता बरती जा रही थी। बड़े बकाएदारों पर मेहरबानी की जाती थी, लेकिन दो महीना पूर्व ही नगर निगम टीम ने बड़े बकाएदारों की सूची बनाकर वसूली अभियान चलाया था। इसी के चलते शहर के दो होटल संचालकों से वसूली हुई थी, तो अन्य बकाएदारों से भी वसूली की गई थी।
अब मालूम चला है कि डेढ़ महीना पूर्व नगर निगम टैक्स विभाग की तरफ से पांच- पांच लाख रुपये के दो चेक और 50 हजार रुपये का एक चेक लेखा विभाग को भेजा गया। इसके अलावा अन्य धनराशि भी जमा कराई गई थी। उक्त चेक को बैंक शाखा में भिजवा दिया गया था, लेकिन उक्त चेक का भुगतान निगम के खाते में नहीं पहुंच सका। इसका कारण तलाशने पर पता चला कि जो चेक भिजवाए गए थे, वह गुम हो गए हैं।
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी रविश चौधरी का कहना है कि चेक गुम हुए हैं, जिसके बारे में बैंक अधिकारियों से भी पत्राचार किया गया है। यह भी पता किया जा रहा है कि जो चेक लेखा विभाग को भेजे गए थे, वह बैंक शाखा से गुम कैसे हो गए और चेक बैंक शाखा में जमा कराने की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई थी। बकाएदार से दूसरा चेक मंगवाने की बात कही जा रही है, लेकिन दोबारा चेक लेने में दिक्कत आ रही है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/