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सहारनपुर: पुंडेन का यह शख्स है जहरीली शराब का सप्लायर, गिरफ्तारी से खुलेगा राज 

Mon, 11 Feb 2019 11:19 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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जहरीली शराब केस
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सहारनपुर में जहरीली शराब का सप्लायर गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव पुंडेन का रहने वाला हरदेवा है। वह काफी समय से अवैध रूप से शराब बेचने का धंधा कर रहा था। गत शुक्रवार की सुबह से जहरीली शराब से मौत होने के बाद पुलिस प्रशासन यही दावा करता रहा कि शराब उत्तराखंड के बालुपुर में मृत्यु भोज में पी गई थी और लाई गई थी। लेकिन पुलिस प्रशासन की नजर हरदेवा से हटी रही, जबकि रविवार को उत्तराखंड के रुड़की में बालुपुर गांव के फकीरा और उसके बेटे सोनू की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि पुंडेन निवासी हरदेवा शराब सप्लायर है।
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शुक्रवार से जहरीली शराब ने सहारनपुर जिले में कहर बरपाया। नागल,गागलहेड़ी और देवबंद थाना क्षेत्र के 16 से ज्यादा गांवों में जहरीली शराब जिंदगियां निगल गई। जिसने भी जहरीली शराब का जाम पिया, उसकी मौत हो गई। शराब से मरने वालों की संख्या भी 75 के पार पहुंच गई। शासन की सख्ती के बाद पुलिस ने अवैध रूप से शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ अभियान भी चलाया। बावजूद इसके जहरीली शराब से प्रभावित गांवों में शराब सप्लाई करने वाले सरगना तक नहीं पहुंच पाए।

जहरीली शराब से सर्वाधिक प्रभावित गांव उमाही कोटा, कोलकी कला, सलेमपुर और शरबतपुर में अमर उजाला टीम ने पड़ताल की। हर गांव में लोगों का यही जवाब था कि शराब सप्लायर गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव पुंडेन का रहने वाला है। वह बाइक पर आता था और शराब के पाउच गांव दर गांव बेचने वालों को देकर चला जाता था। वहीं, अधिकारी कहते हैं कि पुंडेन गांव में डेढ़ महीने से शराब बनाने का अवैध धंधा बंद है, बालुपुर गांव से बनी शराब ही मौत की वजह बनी। 
 
गिरफ्तारी से खुलेगा राज  
शराब माफिया हरदेवा अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी होने पर खुलासा होगा कि वह कब से शराब सप्लाई कर रहा था तथा जिस शराब की वजह से लोगों की जानें गई, वह शराब कहां से लाई गई थी। इसके अलावा यह भी राज खुलेगा कि गांवों में शराब बेचने वाले कौन कौन हरदेवा के संपर्क में हैं। क्योंकि गांव उमाही कोटा, कोलकी कला, सलेमपुर, खेडा मंगल आदि में शराब बेचने वाले सक्रिय हैं। 
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सवाल जो मांगते हैं जवाब  
-उत्तराखंड के बालुपुर गांव में जिस ज्ञान सिंह के यहां तेरहवीं के दौरान भोज हुआ। क्या उसमें सहारनपुर के 16 गांवों के लोग शामिल हुए थे ?  
-मरने वालों में शामिल अलग अलग जाति - बिरादरी के लोग हैं। क्या इन्होंने भी बालुपुर गांव के कार्यक्रम में भोज के दौरान शराब पी थी ?  
-जहरीली शराब से प्रभावित गांवों में अवैध रूप से शराब बेचने वाले कौन कौन हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही ?  
-अवैध रूप से शराब बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की होती है, प्रभावित गांवों में शराब बिकने की जानकारी घटनाओं से शराब अनजान रहा।

अफसरों को क्यों नहीं मिली ?  
एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि शराब से मौत के मामले में गागलहेड़ी, नागल और देवबंद थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं। अभी तक की जांच में यही बात सामने आई कि उत्तराखंड के बालुपुर में मृत्यु भोज में लोग शामिल हुए थे, वहां से कुछ लोग शराब पीकर आए और कुछ ने लाकर शराब दी थी। अन्य बिंदुओं को लेकर भी जांच चल रही है।

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