डीएम आलोक कुमार पांडेय ने मीडिया से बताया कि निर्माणाधीन पुस्तकालय पर हेलीपैड बनाने की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच के लिए वे यहां पहुंचे हैं। जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि हेलीपैड नहीं बनाया जा रहा है, लेकिन बिना अनुमति भवन का निर्माण किया जा रहा है। इंजीनियर से निर्माणाधीन भवन पर तकनीकी रिपोर्ट मांगी गई है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर कंपाउंडिंग कराई जाएगी। जिसके बाद जुर्माना तय होगा। उन्होंने कहा कि दारुल उलूम प्रबंध तंत्र जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और जुर्माना अदा करने के लिए भी तैयार है।
उधर, दारुल उलूम के उप कुलपति अब्दुल खालिक मद्रासी का कहना है कि लाइब्रेरी पर हेलीपैड नहीं बन रहा है। लाइब्रेरी का निर्माण दारुल उलूम परिसर में हो रहा है, हमें यही जानकारी (इल्म) थी कि चारदीवारी के भीतर निर्माण कराने पर अनुमति लेने की जरूरत नहीं है, इसलिए निर्माण के संबंध में अनुमति नहीं ली गई थी।
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