तब्लीगी जमात में चल रहे विवाद को लेकर देवबंदी उलमा ने अफसोस जाहिर किया है। उलमा का कहना है कि जमात का यह विवाद समाप्त होना चाहिए। क्योंकि इससे जमात विश्वसनीयता खोती जा रही है। उलमा ने दारुल उलूम में जमात की गतिविधियों पर पाबंदी को दुरुस्त ठहराया है।
मदरसा जामिया हुसैनिया के वरिष्ठ मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी ने कहा कि तब्लीगी जमात के जो फायदे हैं उससे कौम बहुत लाभ उठा रही है। लाइल्म (अशिक्षित) तबका जमात की वजह से शिक्षा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि तब्लीगी जमात का विवाद उम्मत व बुजुर्गों के हक में नुकसानदेह है इसलिए इस विवाद को समाप्त करने के लिए उलमा और जमात के लोग सिर जोड़कर बैठें और एकजुट होकर जमात का काम करें।