तीन ही दिन में भाजपा के पक्ष में आ गई बाजी
26 जून को नामांकन होने से पहले चुनाव के लिए संयुक्त मोर्चा की तरफ से खूब दावे किए जा रहे थे कि भाजपा को हराने के लिए हम सब एक हैं। बसपा नेता नवीन खटाना की मां शिमला देवी को चुनाव लड़ाने पर सहमति बना ली गई। दावा किया गया कि संयुक्त मोर्चा के पास 32 सदस्यों का समर्थन है, लेकिन नामांकन पत्र जमा कराने का दिन आया तो संयुक्त मोर्चा बिखर गया।
गनीमत रही कि एन वक्त पर जयवीर उर्फ जोनी ने नामांकन कर दिया, तब भी कांग्रेस और सपा नेता कहते रहे कि अब भी भाजपा को हराने में दमखम से चुनाव लड़ाया जाएगा, लेकिन सोमवार को जैसे ही बसपा सुप्रीमो का बयान जारी हुआ तो बाजी पूरी तरह पलट गई। इस तीन दिन के सियासी घमासान में भाजपा प्रत्याशी मांगेराम चौधरी की ताजपोशी का रोडमैप तैयार हो गया।
कांग्रेस तो पूरी ताकत से भाजपा के खिलाफ डटी रही और हमारे सदस्य भी साथ रहे, लेकिन बसपा नेताओं की कलह ने खेल बिगाड़ दिया। बसपा ने भाजपा की बी टीम के रूप में काम किया है। - इमरान मसूद, राष्ट्रीय सचिव कांग्रेस
सपा शुरू से ही भाजपा के खिलाफ चुनाव की तैयारी में रही है। यदि जयवीर उर्फ जोनी अब भी चुनाव लड़ते हैं तो सपा के सदस्य भाजपा के खिलाफ वोटिंग करेंगे। - चौधरी रुद्रसेन, जिलाध्यक्ष, सपा
जिला पंचायत चुनाव नहीं लड़ने का फैसला पार्टी की अध्यक्ष ने लिया है, उनके निर्देश का ही पालन किया जाएगा। - योगेश कुमार, जिलाध्यक्ष, बसपा